सफाई और सीवरेज व्यवस्था चरमराई, लोगों की बढ़ीं मुश्किलें
जीरकपुर: नगर परिषद जीरकपुर के कच्चे कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को लगातार छठे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते शहर की सफाई और सीवरेज सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगने लगे हैं, जबकि सीवरेज जाम की शिकायतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने, अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने और न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग दोहराई। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
यूनियन नेताओं ने कहा कि मौजूदा वेतन में परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों से लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन वेतन और अन्य सुविधाओं के मामले में उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हड़ताल का असर अब आम जनता पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई रिहायशी इलाकों में समय पर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं सीवरेज संबंधी शिकायतों के समाधान में देरी होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहरवासियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालकर सफाई और सीवरेज व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
नगर परिषद कार्यालय के बाहर कर्मचारियों का धरना
नगर परिषद कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने, अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने और न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग दोहराई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कम वेतन में परिवार चलाना मुश्किल: यूनियन नेता
यूनियन नेताओं ने कहा कि मौजूदा वेतन में कर्मचारियों के लिए परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो चुका है। उनका आरोप है कि सफाई कर्मचारियों से लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन वेतन और सुविधाओं के मामले में उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है।
कच्चे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आम जनता भी हो रही परेशान
हड़ताल का असर अब शहर की आम जनता पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई रिहायशी इलाकों में समय पर कूड़ा नहीं उठाया जा रहा, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं सीवरेज से जुड़ी शिकायतों के समाधान में देरी होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहरवासियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालकर सफाई और सीवरेज व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।