गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में ‘जेन-एच युवा उद्यमी चौपाल’ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से स्टार्टअप, रोजगार, राजनीति, खेल और तकनीक पर संवाद किया। उन्होंने अपने कंप्यूटर ऑपरेटर से मुख्यमंत्री बनने के सफर और चुनावी हार के बाद संघर्ष का अनुभव साझा किया। सैनी ने हरियाणा में स्टार्टअप और खेल सुविधाओं की जानकारी देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहकर मेहनत, धैर्य और निरंतरता को सफलता का आधार बनाने की अपील की।
चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘जेन-एच युवा उद्यमी चौपाल’ में युवाओं से खुलकर संवाद किया। स्टार्टअप, नौकरी, राजनीति, खेल, तकनीक, नशे और परिवार से जुड़े सवालों पर मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘जेन-एच’ को नया नाम देते हुए कहा, “मैं इसे जेन-एचबी कहूंगा यानी हरियाणा-भारत की हार्टबीट।” कार्यक्रम को 4,000 से अधिक संस्थानों में लाइव देखा गया।
सैनी ने राजनीति में अपने सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी यात्रा में कोई लिफ्ट नहीं थी, बल्कि मेहनत की सीढ़ियां थीं। उन्होंने बताया कि 2009 में चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने हार को अपनी पहचान नहीं बनने दिया और अगले ही दिन लोगों के बीच लौट गए। इसी मेहनत का नतीजा रहा कि 2014 में उन्होंने बड़े अंतर से चुनाव जीता।
कंप्यूटर ऑपरेटर से मुख्यमंत्री बनने के सफर का जिक्र करते हुए सैनी ने बताया कि 1996 में भाजपा कार्यालय में कंप्यूटर चलाते समय उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने युवाओं को सीखते रहने और नई तकनीक अपनाने की सलाह दी।
युवाओं के स्टार्टअप को लेकर उन्होंने कहा कि हरियाणा में अब करीब 12,500 स्टार्टअप और 17 यूनिकॉर्न हैं। सरकार स्टार्टअप नीति, इनक्यूबेशन सेंटर और आसान ऋण के जरिए युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दे रही है।
खेलों पर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हजारों खेल नर्सरियां, 25 आवासीय खेल अकादमियां और खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति व डाइट मनी की व्यवस्था है। पिछले 12 वर्षों में करीब 18 हजार पदक विजेता खिलाड़ियों को 742 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए हैं।
युवाओं को संदेश देते हुए सैनी ने कहा कि असफलता को अपनी पहचान न बनने दें। काम को पहचान बनाएं और सफलता के लिए मेहनत, धैर्य व निरंतरता को अपनी ताकत बनाएं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और लक्ष्य हासिल करने का ‘नशा’ करने की अपील भी की।