बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब बंद का जीरकपुर में मिला-जुला असर देखने को मिला। मुख्य बाजारों और छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं, जबकि बड़े मॉल, ब्रांडेड शोरूम और कुछ शराब की दुकानें खुली रहीं। संगठनों के सदस्यों ने दुकानदारों से बंद में सहयोग की अपील की। शहर में यातायात सामान्य रहा और पुलिस की मौजूदगी के बीच बंद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
जीरकपुर : बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से शुक्रवार को दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का जीरकपुर में मिला-जुला असर देखने को मिला। शहर के मुख्य बाजार और अलग-अलग इलाकों में बड़ी संख्या में छोटी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। इसके विपरीत शहर के बड़े मॉल, कई ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम और कुछ शराब की दुकानें खुली रहीं। इस कारण शहर में पूरी तरह बंद जैसी स्थिति नहीं रही।
सुबह से ही मुख्य बाजार में आम दिनों के मुकाबले चहल-पहल कम दिखाई दी। कई दुकानदारों ने सुबह से ही अपनी दुकानें नहीं खोलीं, जबकि कुछ दुकानदारों ने बाद में बंद का समर्थन करते हुए शटर गिरा दिए। दुकानें बंद रहने के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या भी काफी कम रही। हालांकि शहर की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही जारी रही।
बाजारों में पहुंचे संगठनों के सदस्य, सहयोग की अपील
पंजाब बंद का समर्थन कर रहे संगठनों के सदस्य शहर के अलग-अलग बाजारों में पहुंचे। उन्होंने खुले प्रतिष्ठानों के संचालकों और दुकानदारों से बंद में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। शहर में बंद को लेकर किसी तरह के बड़े विवाद या हंगामे की सूचना नहीं मिली और अधिकांश स्थानों पर स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
संगठनों से जुड़े लोगों का कहना था कि बंदी सिंहों की रिहाई की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए पंजाब बंद का आह्वान किया गया। उन्होंने बंद में सहयोग करने वाले व्यापारियों और शहरवासियों का आभार भी जताया।
मॉल और ब्रांडेड शोरूम में चलता रहा कारोबार
एक तरफ शहर के मुख्य बाजार में दुकानों के शटर गिरे दिखाई दिए तो दूसरी तरफ बड़े मॉल और कई ब्रांडेड शोरूम खुले रहे। यहां ग्राहकों का आना-जाना भी जारी रहा। शहर के कुछ स्थानों पर शराब की दुकानें भी खुली दिखाई दीं। ऐसे में जीरकपुर में बंद का असर सभी बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में एक जैसा नहीं रहा।
मुख्य बाजार और छोटे व्यापारियों वाले क्षेत्रों में बंद का अधिक असर दिखाई दिया, जबकि मॉल और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रोजमर्रा की गतिविधियां काफी हद तक जारी रहीं। सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही बनी रहने के कारण शहर की गतिविधियां पूरी तरह नहीं थमीं।
शांतिपूर्ण रहा बंद, पुलिस भी रही सतर्क
पंजाब बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। शहर के प्रमुख स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई और स्थिति पर नजर रखी गई। बंद के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
कुल मिलाकर जीरकपुर में पंजाब बंद का असर बाजारों के हिसाब से अलग-अलग दिखाई दिया। मुख्य बाजार और छोटी दुकानों पर बंद का प्रभाव अधिक रहा, जबकि मॉल, ब्रांडेड शोरूम और कुछ अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहने से शहर में बंद का मिला-जुला असर रहा।