बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब बंद का लालड़ू, हंडेसरा और आसपास के क्षेत्रों में मिला-जुला असर रहा। लालड़ू मंडी व हंडेसरा के बाजारों तथा निजी स्कूलों में बंद का असर दिखा, जबकि जरूरी सेवाएं जारी रहीं। हंडेसरा में अकाली दल वारिस पंजाब के कार्यकर्ताओं ने निर्मैल सिंह जौला के नेतृत्व में सड़क पर धरना देकर अंबाला-नारायणगढ़ मार्ग जाम किया। अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर यातायात सामान्य रहा।
जीरकपुर : बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से शुक्रवार को दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का लालड़ू, हंडेसरा और आसपास के क्षेत्रों में मिला-जुला असर देखने को मिला। अकाली दल वारिस पंजाब ने भी बंद का समर्थन किया। लालड़ू में बाजार और निजी स्कूल बंद रहे, जबकि अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर यातायात सामान्य रूप से चलता रहा। दूसरी ओर हंडेसरा में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग उठाई।
अंबाला-नारायणगढ़ मार्ग पर हंडेसरा में अकाली दल वारिस पंजाब के वरिष्ठ नेता एवं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य निर्मैल सिंह जौला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लालड़ू मंडी और हंडेसरा में दुकानें रहीं बंद
बंद के आह्वान के चलते सुबह से ही लालड़ू मंडी और हंडेसरा के बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। क्षेत्र के निजी स्कूल भी बंद रहे। हालांकि दवा की दुकानें, चिकित्सकों के क्लीनिक, दूध और डेयरी से जुड़ी दुकानें खुली रहीं। सरकारी कार्यालयों में भी सामान्य रूप से कामकाज जारी रहा।
सजा पूरी होने के बाद रिहाई की उठाई मांग
प्रदर्शन के दौरान निर्मैल सिंह जौला ने कहा कि कई बंदी सिंह अपनी सजाएं पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर अलग-अलग सरकारों का रवैया एक जैसा रहा है। उन्होंने सरकार से बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की।