पंजाब भाजपा प्रवक्ता प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की जीवनी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री “From Satoj to Parliament” को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले का राजनीतिक प्रचार बताया। उन्होंने बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, नशे, गैंगस्टरवाद, फिरौती, कानून-व्यवस्था और उद्योगों के पलायन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। ख्याला ने सरकार को उपलब्धियों पर खुली सार्वजनिक बहस की चुनौती देते हुए कहा कि फैसला जनता करेगी।
अमृतसर (आर. के. उप्पल) : पंजाब भाजपा प्रवक्ता एवं सिख चिंतक प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की जीवनी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री “From Satoj to Parliament (सतौज से संसद)” को 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया राजनीतिक प्रचार करार दिया।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को प्रचार फिल्म नहीं, बल्कि सरकार के साढ़े चार साल के शासन का वास्तविक रिपोर्ट कार्ड चाहिए।
बेरोजगारी, नशे और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रो. ख्याला ने सवाल किया कि क्या केवल मुख्यमंत्री की भावनात्मक जीवन-कथा से सरकार के प्रदर्शन का आकलन किया जा सकता है। उन्होंने बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, नशे, गैंगस्टरवाद, फिरौती, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और उद्योगों के पलायन का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि सरकार के साढ़े चार साल बाद भी स्पष्ट कृषि, औद्योगिक, खनन और खेल नीति नजर नहीं आती। युवाओं के रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने और निवेश के बाहर जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
खुली बहस की दी चुनौती
प्रो. ख्याला ने कहा कि यदि सरकार को अपनी उपलब्धियों पर भरोसा है तो महंगी डॉक्यूमेंट्री और प्रचार के बजाय पंजाब के ज्वलंत मुद्दों पर खुली सार्वजनिक बहस करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब का फैसला कैमरे की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि जनता की अदालत करेगी।