असम में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन पांच जिलों के 92 गांवों में 14,799 लोग अब भी प्रभावित हैं। सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। अब तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,083 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है। राहत शिविरों में 238 लोग रह रहे हैं और चार मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
गुवाहाटी (Naren Danu) : असम में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। राज्य की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर अब खतरे के निशान से नीचे पहुंच चुका है, लेकिन बाढ़ की मार झेल चुके इलाकों में जनजीवन पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लगेगा। पांच जिलों के 92 गांवों में 14,799 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं और अपने घरों तथा खेतों को दोबारा व्यवस्थित करने में जुटे हैं।
राज्य में बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है। शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिले सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 3,083 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी पानी की चपेट में है, जिससे किसानों के सामने फसल और आजीविका का संकट बना हुआ है।
इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर असम में बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राहत, पुनर्वास और प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों से भी अवगत कराया।
वर्तमान में 238 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि 1,165 प्रभावित लोग राहत वितरण केंद्रों से सहायता प्राप्त कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में चार मेडिकल टीमों को तैनात किया है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और राहत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।