गणेश विसर्जन के ऑर्डर और ज्यादा मुनाफे के लालच में दोबारा शुरू की गई थी फैक्टरी, विस्फोट में 9 लोगों की गई थी जान
अहमदाबाद (Naren Danu) : गुजरात के अहमदाबाद में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मेहुल डोडिया समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं प्रशासन ने अब अवैध रूप से किए गए निर्माण को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गणेश विसर्जन के दौरान पटाखों की मांग बढ़ने और अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से बंद पड़ी फैक्टरी को दोबारा अवैध तरीके से शुरू किया गया था। वस्त्राल क्षेत्र के रामोल-गटराड रोड स्थित एक खेत में बने टीन शेड में पटाखों का निर्माण किया जा रहा था, जहां शनिवार को हुए जोरदार विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
20 दिन पहले दोबारा शुरू हुआ था अवैध कारोबार
अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि फैक्टरी का लाइसेंस 4 मार्च को समाप्त हो चुका था और प्रशासन ने इसे बंद करवा दिया था। लेकिन पिछले कुछ दिनों से पुलिस रथयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त थी, जिसका फायदा उठाकर संचालकों ने दाहोद से मजदूर बुलाए और करीब 20 से 25 दिन पहले अवैध रूप से पटाखा निर्माण फिर शुरू कर दिया।
उन्होंने बताया कि गणेश विसर्जन के लिए मिले बड़े ऑर्डर पूरे करने के लिए खेत में बने शेड में उत्पादन किया जा रहा था। इसी दौरान विस्फोट होने से बड़ा हादसा हो गया।
मां और सहयोगी भी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में फैक्टरी संचालक मेहुल डोडिया, उसकी मां रमीलाबेन डोडिया और सादिक सैयद को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2014 में रमीलाबेन डोडिया के नाम से चल रही इसी फैक्टरी में विस्फोट हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इसके बाद फैक्टरी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। वर्ष 2020 में मेहुल डोडिया के नाम से नया लाइसेंस लिया गया, लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया।
मृतकों के शव गृह जिलों में भेजे गए
हादसे में मारे गए अधिकतर लोग दाहोद जिले के रहने वाले थे। पोस्टमार्टम के बाद सभी मृतकों के शव पुलिस सुरक्षा के बीच उनके पैतृक गांवों और संबंधित क्षेत्रों में भेज दिए गए हैं। पुलिस अब मामले में लापरवाही, अवैध संचालन और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को जल्द हटाने की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।