पानीपत में जंतर-मंतर मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों ने जताया आक्रोश
पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू , अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त नेतृत्व में जंतर मंतर पर शिक्षा के मुद्दे को लेकर छात्र आंदोलन के समर्थन में भाजपा सरकार की दमनकारी व तानाशाही पूर्ण रवि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, शिक्षा मंत्री पुतला दहन किया गया।
*विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू के राज्य कोषाध्यक्ष सुखबीर सिंह, राज्य सचिव सुनील दत्त, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉक्टर सुरेंद्र मलिक, उप प्रधान दिलावर सिंह राठी, प्रेस सचिव फौजी रोहतास आर्य, गुलाब सिंह, इंडस्ट्रियल वर्कर यूनियन के पानीपत प्रधान जय भगवान, कोषाध्यक्ष नवीन सपरा, आशा वर्कर्स यूनियन जिला प्रधान बंटी, उप प्रधान मनजीत, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन जिला प्रधान निर्मला अहलावत, क्रैच वर्कर्स यूनियन जिला कोषाध्यक्ष ललिता, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन जिला प्रधान सुल्तान, सचिव अशोक दुग्गल, कोषाध्यक्ष कंवरपाल आदि ने किया।
*विरोध प्रदर्शन को संबंध करते हुए सीटू राज्य कोषाध्यक्ष सुखबीर सिंह ने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान समय में अघोषित आपातकाल चल रहा है। जनता के मौलिक अधिकार खत्म कर दिए गए हैं। लोकतंत्र-अभिव्यक्ति की आजादी को कुचला जा रहा है। जनता के जन आंदोलन को पुलिस दमन से कुचला जा रहा है।
*पिछले 21 दिनों से देश के जंतर मंतर पर शिक्षा में जारी भ्रष्टाचार शिक्षा व्यवस्था में बढ़ता भ्रष्टाचार वह पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रा युवाओ का आंदोलन जारी है। तमाम विपक्षी पार्टियों बुद्धिजीवी और जनवादी प्रगतिशील जनता और विपक्षी पार्टियां छात्र आंदोलन का समर्थन कर रही है।
*पिछले 21 दिनों से देश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक व पर्यावरण विद श्री सोनम वांगचुंग भूख हड़ताल पर बैठे हैं। जबरदस्ती पुलिस के द्वारा आंदोलन का दामन करते हुए उसकी उठाया गया जिसकी आलोचना पूरे देश में हो रही है और पूरे देश के अंदर प्रदर्शन हो रहे हैं।
*इस संदर्भ में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन की अखिल भारतीय कार्य समिति की बैठक रांची बिहार के अंदर चल रही है जिसमें सर संपत्ति से प्रस्ताव पास करते हुए सरकार के इस जन विरोधी कृत्य की कड़ी आलोचना करते हुए 20 जुलाई को पूरे देश के अंदर जिला मुख्यालयों पर छात्र आंदोलन के समर्थन में और मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया गया।
*विरोध प्रदर्शन के माध्यम से देश की माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम लिखित ज्ञापन पत्र देते हुए मांग की की राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA जिसके नेतृत्व में मेडिकल परीक्षा NEET वह अन्य पेपर लिक होने के कारण दर्जनों छात्रों ने आत्महत्या कर ली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है आम मेहनतकश जनता से शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है।
*छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि तुरंत देश के शिक्षा मंत्री को बर्खास्त किया जाए। परीक्षा लेने वाली प्राइवेट एजेंसी को खत्म किया जाए सरकार स्वयं परीक्षा प्रणाली के तहत छात्रों से परीक्षा ली जाए। यह मांग की गई।
*सीटू ने इसके लिए शिक्षा मंत्री के साथ-साथ देश के प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को भी जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर इन्हें भी अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए। पूरी दुनिया के अंदर देश की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम करने में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका गाती है।