डॉ. वांडर और डॉ. बिशव मोहन ने मिनटों में शुरू किया गोल्डन आवर उपचार, स्टेंट संभव न होने पर डॉ. सरजू रल्हन ने की ओपन हार्ट बाईपास सर्जरी
लुधियाना: “जाको राखे साइयां, मार सके न कोय” कहावत शनिवार सुबह सतलुज क्लब के जिम में उस समय सच साबित होती नजर आई, जब एक्सरसाइज करते हुए शहर के प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नवजोत सिंह चुग को अचानक गंभीर हार्ट अटैक आ गया। हालत इतनी गंभीर हो गई कि वह बेसुध होकर जिम में ही गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन वहां व्यायाम कर रहे न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र बंसल की सूझबूझ, डीएमसी अस्पताल के डॉक्टरों की तत्परता और समय पर की गई ओपन हार्ट बाईपास सर्जरी ने उन्हें नया जीवन दे दिया।
सतलुज क्लब के जनरल सेक्रेटरी डॉ. आशीष आहूजा ने बताया कि शनिवार सुबह डॉ. नवजोत सिंह चुग जिम में नियमित एक्सरसाइज कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट हुआ और वह जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोग घबरा गए। तभी जिम में मौजूद डॉ. राजेंद्र बंसल ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कदम उठाया।
डॉ. बंसल ने जिम हेल्पर राजू की मदद से डॉ. चुग को अपनी निजी कार में बैठाया और बिना समय गंवाए डीएमसी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही डॉ. वांडर और डॉ. बिशव मोहन भी कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मरीज का गोल्डन आवर उपचार शुरू कर दिया। दोनों डॉक्टरों और अस्पताल की मेडिकल टीम ने तत्काल जांच तथा जीवनरक्षक उपचार शुरू कर मरीज की स्थिति को स्थिर करने का प्रयास किया।
जांच के दौरान सामने आया कि डॉ. नवजोत सिंह चुग की हृदय धमनियों में अत्यधिक कैल्सिफिकेशन था। धमनियां सख्त और जटिल स्थिति में होने के कारण उनमें स्टेंट डालना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ कार्डियक सर्जन डॉ. सरजू रल्हन को बुलाया गया।
डॉ. सरजू रल्हन ने मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद बिना देरी किए ओपन हार्ट बाईपास सर्जरी करने का निर्णय लिया। उनकी टीम ने तत्काल ऑपरेशन शुरू किया और सफल बाईपास सर्जरी कर डॉ. नवजोत सिंह चुग की जान बचा ली। चिकित्सकों का मानना है कि अस्पताल पहुंचने और इलाज शुरू होने में थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी।
डॉ. राजेंद्र बंसल द्वारा समय रहते अस्पताल पहुंचाने, डॉ. वांडर और डॉ. बिशव मोहन द्वारा गोल्डन आवर में उपचार शुरू करने तथा डॉ. सरजू रल्हन द्वारा चुनौतीपूर्ण बाईपास सर्जरी सफलतापूर्वक करने से मरीज को नया जीवन मिला।
ऑपरेशन के बाद डॉ. नवजोत सिंह चुग की हालत में तेजी से सुधार हुआ। रविवार को वह अपने परिवार के साथ खुशी के पल साझा करते नजर आए। उनके परिवार ने डॉ. राजेंद्र बंसल, डॉ. वांडर, डॉ. बिशव मोहन, डॉ. सरजू रल्हन, डीएमसी अस्पताल की मेडिकल टीम और जिम हेल्पर राजू का आभार व्यक्त किया।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचाना, गोल्डन आवर में उपचार शुरू करना और विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सही निर्णय लेना मरीज की जान बचा सकता है।