Uturn Time
Breaking
Amritsar: अमृतसर में गैस संकट गहराया, 45 दिन से सिलेंडर के लिए भटक रहे लोग Chandigarh: पंजाब में रोजगार नीति में बड़ा बदलाव, 65 हजार कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नौकरी होगी नियमित Chandigarh: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, भ्रष्टाचार मामलों के लिए अलग कोर्ट, 7 नई अदालतें Samba: सांबा में कृषि विकास को लेकर प्रशासन सक्रिय, JKCiP की प्रगति पर प्रशासन ने कसी नजर केंद्र सरकार ने कपास इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी की माफ, 30 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा फैसला Kolkata: अभिषेक बनर्जी पर भीड़ का हमला: हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थर और अंडे फेंके गए Ludhiana: टैक्सेशन बार एसोसिएशन द्वारा धार्मिक यात्रा का आयोजन Chandigarh: पंजाब-हरियाणा NCC के ADG संभालेंगे दक्षिण का सब-एरिया Hisar: वियतनाम में भारत का परचम, गरिमा ढांडा ने जीता स्वर्ण New Delhi: दिल्ली-मुंबई को निशाना बनाने की योजना फेल, सुरक्षा एजेंसियों ने आठ संदिग्ध आतंकियों को दबोचा New Delhi: राजधानी में पानी की सप्लाई को लेकर सख्ती, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की समीक्षा बैठक Derabassi: अज्ञात व्यक्तियों द्वारा किए गए हमले के विरोध में डॉक्टर सड़कों पर, सिविल अस्पताल की OPD सेवाएं बंद
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 14 Jan : पंजाब में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब राज्य के कई जिलों—लुधियाना, अमृतसर, मोगा और फतेहगढ़ साहिब—में स्कूलों और अदालतों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां मिलीं। धमकी भरे ईमेल मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और पूरे राज्य में एहतियाती सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। लुधियाना में जिला कोर्ट कॉम्प्लेक्स को बम की धमकी मिलने के बाद तत्काल परिसर को सील कर दिया गया। कोर्ट परिसर में आने-जाने पर रोक लगा दी गई और बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड तथा पुलिस टीमों ने कोर्टरूम, वकीलों के चैंबर, पार्किंग एरिया और आसपास के इलाकों की गहन तलाशी ली। कई घंटे चली जांच के बाद पुलिस ने पुष्टि की कि कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। लुधियाना डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन सग्गर ने बताया कि एहतियात के तौर पर पूरे दिन के लिए अदालती कामकाज निलंबित रखा गया। उन्होंने कहा, “वकीलों, मुवक्किलों और कोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज ‘नो वर्क’ का फैसला लिया गया।” मोगा में एक स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस उपाधीक्षक गुरप्रीत सिंह ने बताया कि छात्रों को सुरक्षित रूप से घर भेज दिया गया और स्कूल परिसर को खाली कराकर तलाशी अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई और धमकी पूरी तरह फर्जी पाई गई। इस बीच अमृतसर के कई स्कूलों में बम धमकी वाले ईमेल मिलने से अभिभावकों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। अधिकारियों के अनुसार गांव मेहरबानपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल, चीफ खालसा दीवान द्वारा संचालित हरकिशन स्कूल और एक निजी मिलेनियम स्कूल को धमकी भरे ईमेल मिले। ईमेल में स्कूल इमारतों को उड़ाने की धमकी दी गई थी और कथित तौर पर स्कूलों में राष्ट्रगान गाने पर आपत्ति जताई गई थी। धमकियों के बाद पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं, स्कूल परिसरों को सुरक्षित किया गया और बम निरोधक दस्तों को तैनात किया गया। साथ ही ईमेल भेजने वालों की पहचान के लिए साइबर टीमों ने जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट लिखे जाने तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी। गौरतलब है कि 23 दिसंबर के बाद बुधवार को ही पंजाब में सरकारी स्कूल दोबारा खुले थे। अधिकारियों के मुताबिक छात्रों की उपस्थिति पहले से ही कम थी, जिससे किसी बड़ी अफरातफरी की स्थिति से बचाव हो सका। पंजाब के लिए क्या मायने रखता है यह मामला एक साथ कई जिलों में स्कूलों और अदालतों को निशाना बनाकर भेजे गए ये फर्जी धमकी भरे ईमेल राज्य में डर और अव्यवस्था फैलाने की साजिश की ओर इशारा करते हैं। भले ही धमकियां झूठी साबित हुई हों, लेकिन इनके चलते प्रशासन को बड़े पैमाने पर संसाधन झोंकने पड़े और न्यायिक व शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हुईं। अमृतसर के ईमेल में राष्ट्रगान का उल्लेख इस मामले को और संवेदनशील बनाता है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह सिर्फ डर नहीं, बल्कि भावनाएं भड़काने की भी कोशिश हो सकती है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बम की झूठी धमकी देना एक गंभीर आपराधिक अपराध है। दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्कूलों, अदालतों और अन्य संस्थानों से सतर्क रहने के साथ-साथ अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।