Buy High Quality BacklinksNettoyage professionnel en SavoieInstant URL Indexingcasino link building servicesbuy cheap backlinkWebshellfast google indexingBuy hidden backlinksPremium Backlinks for SEObuy backlinkshacklink satin alBuy Hidden Backlink6clubcolour prediction game demofree colour prediction gamecolour prediction demo gamecolour prediction game playwhere to play colour prediction gamemantri mall colour prediction gamereliance mall colour prediction gamegodrej mall colour prediction gameadani mall colour prediction gamepacific mall colour prediction gameBG678 review678 lotterybg678dmwindmwin logindm win lotteryjio lottery game6 Club apkgojackpotchambery porndeneme bonusu veren sitelerdeneme bonusu veren siteler6 club apk6 club game66 lottery gift code66 lottery gift codehindiscopegovernment jobsgovernment schemesadmit cardanswer keyexam resultssyllabuslotterygovernment newsjai clubcolor prediction gamejai club appjai club lotteryjai gamebigwin69bingoFree Bonus No DepositColor Game66 lottery6 Club Lottery6 club lottery6 club6 club gameblingwinbling winlodi777lodi777lodi 777gojackpotgojackpotpaldo77paldo77dhani gamedhani wintaya886club login43r43r
एफआईआर छिपाने मात्र से अभ्यर्थी अयोग्य नहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 06 Feb | पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी अभ्यर्थी द्वारा आवेदन के दौरान पूर्व में दर्ज एफआईआर की जानकारी न देना, अपने-आप में उसे नौकरी से वंचित करने का आधार नहीं बन सकता—खासकर तब, जब वह आपराधिक मामले में पहले ही सम्मानपूर्वक बरी हो चुका हो।न्यायालय ने कहा कि ऐसी स्थितियों में भर्ती करने वाले विभागों को यांत्रिक ढंग से निर्णय लेने के बजाय मामले की प्रकृति, आरोपों की गंभीरता और अंतिम परिणाम को ध्यान में रखकर विवेकपूर्ण फैसला लेना चाहिए। दो याचिकाओं पर एकसाथ फैसला जस्टिस जगमोहन बंसल की एकल पीठ ने इस विषय से जुड़ी दो याचिकाओं को स्वीकार करते हुए पंजाब पुलिस को निर्देश दिया कि संबंधित अभ्यर्थियों को चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। पूर्व सैनिक का मामला बना मिसाल मामले में एक याचिकाकर्ता पूर्व सैनिक था, जिसने भारतीय सेना में 17 वर्षों तक सेवा देने के बाद पंजाब पुलिस में पूर्व सैनिक (अनुसूचित जाति) कोटे के तहत भर्ती के लिए आवेदन किया था।भर्ती प्रक्रिया के सभी चरणों में सफल रहने के बावजूद, पुलिस सत्यापन के दौरान उसके खिलाफ पूर्व में दर्ज एक आपराधिक मामले का हवाला देकर उसकी उम्मीदवारी रद कर दी गई।यह मामला उसकी पत्नी द्वारा वैवाहिक विवाद के दौरान आईपीसी की धाराओं 498ए, 406, 506 और 34 के तहत दर्ज कराया गया था। ट्रायल कोर्ट से हो चुका था बरी हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड का अध्ययन करते हुए पाया कि यह आपराधिक मामला आवेदन से कई वर्ष पहले ही समाप्त हो चुका था और ट्रायल कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के आरोप सिद्ध न होने के आधार पर याचिकाकर्ता को स्पष्ट रूप से बरी कर दिया था।अदालत ने यह भी नोट किया कि शिकायतकर्ता के पिता ने खुद अदालत में स्वीकार किया था कि दहेज की कोई मांग नहीं की गई थी और विवाद पारिवारिक मतभेदों तक सीमित था। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के अवतार सिंह और पवन कुमार मामलों में दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सूचना छिपाने के हर मामले में स्वतः अयोग्यता लागू नहीं होती।नियोक्ता की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों का संतुलित मूल्यांकन करे और निर्णय लेते समय परिस्थितियों को नजरअंदाज न करे। पुलिस नियमों में स्वतः निरस्तीकरण का प्रावधान नहीं हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस नियम, 1934 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो समाप्त हो चुके आपराधिक मामले की जानकारी न देने पर आवेदन को स्वतः निरस्त करने की अनुमति देता हो।इस आधार पर न्यायालय ने विभागीय कार्रवाई को अनुचित और यांत्रिक करार दिया।