पिथौरागढ़ के धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलागाड़ के पास पहाड़ी से गिरे भारी मलबे और बोल्डरों की चपेट में आने से वैली ब्रिज टूट गया। पुल टूटने के बाद दारमा, व्यास और चौदास घाटियों का धारचूला तहसील मुख्यालय से संपर्क बाधित हो गया। सड़क बंद होने से ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और सुरक्षा बलों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन जल्द वैकल्पिक व्यवस्था और मार्ग बहाली की तैयारी में जुटा है।
पिथौरागढ़ : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश के बीच पहाड़ से अचानक गिरे भारी मलबे और बोल्डरों ने धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलागाड़ के पास बड़ा संकट खड़ा कर दिया। पहाड़ी से गिरे मलबे और विशाल बोल्डरों की चपेट में आने से वैली ब्रिज पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर टूट गया, जिसके बाद मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई है।
एक पुल टूटा, तीन घाटियों का संपर्क कटा
वैली ब्रिज के टूटने से दारमा, व्यास और चौदास घाटी का धारचूला तहसील मुख्यालय से संपर्क बाधित हो गया है। सीमांत गांवों के लोगों के सामने अब तहसील मुख्यालय तक पहुंचने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
पुल के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। आवश्यक सामान और जरूरी सेवाओं की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।
अचानक गिरे मलबे ने मचाई तबाही
बताया जा रहा है कि पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर नीचे आ गिरे। मलबे के जबरदस्त दबाव को वैली ब्रिज झेल नहीं सका और देखते ही देखते पुल क्षतिग्रस्त होकर टूट गया।
लगातार बारिश के बीच पहाड़ों से मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाओं ने सीमांत क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
कुटी-गुंजी जा रहे श्रद्धालु रास्ते में फंसे
मार्ग बंद होने का असर सिर्फ स्थानीय ग्रामीणों पर ही नहीं, बल्कि कुटी और गुंजी की ओर पूजा-पाठ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर भी पड़ा है। पुल टूटने के बाद उनकी यात्रा बीच रास्ते में अटक गई और अब उन्हें मार्ग खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है।
सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी प्रभावित
यह इलाका सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। वैली ब्रिज टूटने से सीमांत क्षेत्र में तैनात सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
ऐसे में प्रशासन के सामने जल्द से जल्द वैकल्पिक मार्ग या अस्थायी व्यवस्था तैयार करने की चुनौती है, ताकि सीमांत इलाकों का संपर्क बहाल किया जा सके।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से क्षतिग्रस्त पुल की तत्काल मरम्मत कराने और यातायात बहाल करने की मांग की है।
फिलहाल तीनों घाटियों के लोग सड़क संपर्क बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। लगातार बारिश और पहाड़ी से गिरते मलबे के बीच सुरक्षित आवाजाही बहाल करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है।