उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने किया शिलान्यास, विशेषज्ञों और पशु प्रेमियों की भागीदारी से संवेदनशील तरीके से संचालित होगा केंद्र, आवारा पशुओं की देखभाल और पुनर्वास को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली (Naren Danu) : दिल्ली में आवारा कुत्तों के लिए बेहतर देखभाल और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को द्वारका सेक्टर-29 में आधुनिक डॉग शेल्टर की आधारशिला रखी। इस परियोजना का निर्माण दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम में दिल्ली की महापौर प्रवेश वाही, सांसद रामवीर बिधूड़ी और विधायक कैलाश गहलोत समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
उपराज्यपाल ने कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि करीब 6,050 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह डॉग शेल्टर आवारा कुत्तों के लिए सुरक्षित आश्रय, चिकित्सा देखभाल और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण का बेहतर ध्यान रखा जा सकेगा।
पशु कल्याण संगठनों को जोड़ने पर जोर
उपराज्यपाल ने इसके साथ ही दिल्ली के छोटे जानवरों के लिए बने एकमात्र श्मशान केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निगम अधिकारियों को सुझाव दिया कि पशु कल्याण संगठनों, डॉग लवर्स, पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों को इन योजनाओं से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर व्यवस्थाओं को अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाया जा सके।
पीपीपी मॉडल पर तैयार हो रहा प्रोजेक्ट
एलजी संधू ने कहा कि यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल का एक अच्छा उदाहरण है। उन्होंने बताया कि जीएमआर वरलक्ष्मी फाउंडेशन के सीएसआर सहयोग से यह सुविधा विकसित की जा रही है और इसके लिए निगम पर कोई अतिरिक्त लागत नहीं आएगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल दिल्ली में पशु कल्याण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी तथा शहर में आवारा पशुओं के प्रबंधन और देखभाल के लिए एक बेहतर मॉडल साबित हो सकती है।