सफाई कर्मियों ने लाठीचार्ज मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई; यूनियन नेताओं ने चेताया—मांगें पूरी नहीं हुईं तो संघर्ष होगा और तेज, प्रदेशभर के निगमों और परिषदों के कर्मचारी आंदोलन में शामिल।
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब में म्यूनिसिपल कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज 20वें दिन में प्रवेश कर गई है। सफाई सेवक यूनियन पंजाब के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन के तहत राज्यभर के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के कर्मचारी अब और अधिक आक्रामक रुख अपना चुके हैं।
जिला अध्यक्ष अरुण गिल ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है।
संघर्ष को विस्तार देते हुए यूनियन ने ऐलान किया है कि 30 जुलाई को संपूर्ण 'पंजाब बंद' किया जाएगा। यह फैसला बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों पर हुए अमानवीय लाठीचार्ज और मांगों की उपेक्षा के विरोध में लिया गया है। यूनियन ने मांग की है कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार डी.एस.पी. सतवीर सिंह और एस.एच.ओ. लखवीर सिंह पर एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें बर्खास्त किया जाए।
राहत की बात यह है कि इस इंसाफ की लड़ाई को मजबूत करते हुए 81 विभिन्न संगठनों ने बंद को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने अब भी रवैया नहीं बदला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सुखपाल सिंह खहरा, प्रदीप कुमार, रजिंदर कुमार, राज कुमार और सुखदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।