‘प्रबुद्धजन शिखर वार्ता’ में संविधान, आरक्षण, महिला अधिकार और वंचित वर्गों के मुद्दों पर हुई चर्चा; प्रतिनिधियों ने महान समाज सुधारकों के विचारों को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की मांग उठाई।
आगरा: महान समाज सुधारक, शिक्षा के प्रबल समर्थक और सामाजिक न्याय के अग्रदूत छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती के अवसर पर ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा (पंजीकृत) की ओर से आगरा के संजय प्लेस स्थित यूथ हॉस्टल में ‘प्रबुद्धजन शिखर वार्ता’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और संविधान प्रेमियों ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, समान अवसर और संवैधानिक मूल्यों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष आर.के. चौहान ने की। उन्होंने सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए सामाजिक न्याय की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अमरीक सिंह बंगड़ ने किया, जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश बहादुर मुख्य अतिथि रहे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष रीना गावस्कर वाल्मीकि ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान ने महिलाओं, दलितों, पिछड़े वर्गों और समाज के वंचित तबकों को समान अधिकार और सम्मान प्रदान किया है। उन्होंने संविधान की भावना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि राकेश बहादुर ने कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज ने शिक्षा, आरक्षण और सामाजिक समानता के क्षेत्र में जो ऐतिहासिक योगदान दिया, वह आज भी देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल जयंती समारोह नहीं, बल्कि संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को समानता, बंधुत्व एवं लोकतांत्रिक आदर्शों से जोड़ने का अभियान है।
राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अमरीक सिंह बंगड़ ने सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और युवाओं से संविधान एवं सामाजिक न्याय की इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने की अपील की।
इस अवसर पर पंजाब प्रदेश अध्यक्ष निर्मलजीत सिंह और उपाध्यक्ष बलविंदर सिंह दोसांझ ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के समानता, न्याय और बंधुत्व के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।
चंडीगढ़ प्रदेश के संयोजक एवं प्रदेश प्रधान राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया है। उन्होंने मांग की कि छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले, माता सावित्रीबाई फुले और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महान समाज सुधारकों के विचारों को विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में प्रमुखता से शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों से प्रेरित हो सके।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष आर.के. चौहान ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और समतामूलक समाज के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।