ddos for hiredstatdstat l4주소모음스포츠중계토토사이트여기여주소모음스포츠중계토토사이트주소콘여기여bulk Ahrefs DR checker스포츠중계뉴토끼토토사이트누누티비여기여토토커뮤니티주소모음ipstresserip stressercasibomcasibomjojobetjojobet girişbetnano girişjojobet girişjojobetmatbetmatbet girişmatbetmatbetmatbet girişjojobet 8225matbetmatbetmatbetmatbetjojobetHacklink Satın AlHacklink Satin albetnanodedebet
Guwahati: असम में बाढ़ के बाद राहत की जंग जारी, नौ जिले अब भी संकट में; मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को दिए दौरे के निर्देश - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Ludhiana: लुधियाना का गारमेंट एक्सपो बना व्यापार का बड़ा केंद्र, देशभर के खरीदारों ने दिखाया उत्साह New Delhi: पंजाब भर्ती घोटाले पर भाजपा आक्रामक, तरुण चुग ने मांगी सीबीआई जांच और सरकार से जवाब Ludhiana: खाने की गुणवत्ता पर प्रशासन सख्त, मोबाइल लैब से हुई जांच; वेंडरों को दिए स्वच्छता के निर्देश Palwal: युवाओं को कुलगुरु की सलाह- एक खेल खेलो, एक विदेशी भाषा सीखो, सफलता के रास्ते होंगे आसान Derabassi: सुखमनी कॉलेज विवाद गहराया, कर्मचारियों की बहाली को लेकर 4 अगस्त को लेबर कार्यालय घेराव का ऐलान Zirakpur: ढकोली की ग्रीन बेल्ट होगी सुरक्षित, 2000 पौधों के साथ वन विभाग ने शुरू किया हरियाली अभियान Amritsar: पंजाब में हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा, अमृतसर पुलिस ने चार तस्करों को दबोचा Amritsar: मानवाधिकार आयोग की नजर पंजाब पर, बरनाला सफाई कर्मी लाठीचार्ज मामले में मांगा जवाब Panchkula: वारदात से पहले हथियार समेत पकड़ा गया युवक, पंचकूला पुलिस ने अवैध कट्टा किया बरामद Ludhiana: शिक्षा के क्षेत्र में वर्धमान की बड़ी पहल, लुधियाना के सरकारी स्कूल में तैयार किया आधुनिक शिक्षण ब्लॉक Ludhiana: गुरु पूर्णिमा पर लुधियाना में गूंजेगा साईं भक्ति का स्वर, विशाल भजन संध्या की तैयारियां पूरी Chandigarh: छात्र आंदोलन पर दर्ज मुकदमों को लेकर CJP सख्त, सरकार को दी बड़े विरोध की चेतावनी
Logo
Uturn Time
धनसिरी नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर, 48 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न; राहत शिविरों में हजारों लोग, सड़क, पुल और पशुधन को भारी नुकसान।
गुवाहाटी (Naren Danu) : असम में बाढ़ का पानी तेजी से उतर रहा है, लेकिन प्रभावित इलाकों में तबाही के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो चुकी है, जबकि घरों, स्कूलों और सड़कों पर जमा गाद और मलबे ने राहत कार्यों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। बाढ़ से प्रभावित लोगों का जनजीवन अब भी सामान्य नहीं हो सका है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, 26 जुलाई तक बाढ़ से दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि विधानसभा के बजट सत्र के बाद सभी मंत्री बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर स्थिति का आकलन करेंगे। फिलहाल राज्य के नौ जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 763 गांवों की 5.24 लाख से अधिक आबादी और करीब 48,742 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित है। सरकार ने राहत के लिए 109 राहत शिविर और 245 राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं, जहां हजारों लोग शरण और सहायता प्राप्त कर रहे हैं। बाढ़ से पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हजारों मवेशी बह गए, जबकि सैकड़ों कच्चे मकान पूरी तरह और कई मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। शिवसागर और जोरहाट सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, वायुसेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां जुटी हुई हैं। 152 मेडिकल टीमें, 36 नावें और दो हेलीकॉप्टर राहत अभियान में लगाए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में खाद्यान्न, सरसों का तेल और पशु चारा वितरित किया जा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और अन्य आधारभूत ढांचों की मरम्मत के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।