जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का करेंगे उद्घाटन, विकास परियोजनाओं के साथ संगठन को भी मिलेगी चुनावी धार
चंडीगढ़ (Naren Danu) : पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। पार्टी जहां पहली बार सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी है, वहीं इसी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 जुलाई को पंजाब दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
दौरे का मुख्य आकर्षण करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन होगा। लगभग 110 वर्ष पुराने इस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जबकि इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित रखा गया है।
विकास और चुनावी संदेश साथ-साथ
भाजपा इस दौरे को केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी इसे विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच केंद्र सरकार की विकास योजनाओं और पंजाब के लिए अपनी राजनीतिक दृष्टि प्रस्तुत करने के अवसर के रूप में देख रही है।
अकाली दल से अलग नई रणनीति
2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा पंजाब में स्वतंत्र राजनीतिक आधार तैयार करने पर जोर दे रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सीमित सफलता मिलने के बाद पार्टी ने संगठन विस्तार और नए सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाने की रणनीति अपनाई है।
संगठन विस्तार पर फोकस
हाल के महीनों में भाजपा ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के साथ कई प्रमुख नेताओं को पार्टी से जोड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों जैसे नेता अब भाजपा का हिस्सा हैं। पार्टी युवा, अनुसूचित जाति, किसान, व्यापारी और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग अभियान भी चला रही है।
लगातार बढ़ रही चुनावी सक्रियता
पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व के लगातार पंजाब दौरे को पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री फरवरी में भी जालंधर आए थे, जबकि हाल ही में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यभर में संगठनात्मक बैठकें की थीं।
117 सीटों पर नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती अपने वोट प्रतिशत को विधानसभा सीटों में बदलने की होगी। इसके लिए पार्टी स्थानीय नेतृत्व, मजबूत उम्मीदवारों, संगठन की मजबूती और क्षेत्रीय मुद्दों पर स्पष्ट रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्तावित दौरा इसी चुनावी अभियान को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।