Uturn Time
Breaking
Samana: पंजाब में बनेंगे 3,100 आधुनिक खेल स्टेडियम, खेलों के जरिए नशे के खिलाफ लड़ाई होगी मजबूत : भगवंत मान Chandigarh: पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने पीडीएस व्यवस्था को सरल बनाने की उठाई पहल, एकल स्लिप प्रणाली की सिफारिश Bathinda: बठिंडा में शुरू हुई पंजाब की पहली बायो-फर्टिलाइज़र क्वालिटी कंट्रोल लैब, सीड टेस्टिंग लैब की भी रखी आधारशिला Chandigarh: पंजाब विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, सहायक रजिस्ट्रार निखिल गर्ग एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार Bathinda: बठिंडा पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सात थाना प्रभारियों समेत 10 अधिकारियों के तबादले Chandigarh: पंजाब में 'निक्के कदम बड़ा विकास' अभियान शुरू, जन्म से तीन साल तक हर बच्चे का बनेगा डेवलपमेंट रिपोर्ट कार्ड Hoshiarpur: होशियारपुर में नशा तस्करी से जुड़ी अवैध संपत्ति पर चला बुलडोजर, पंचायत भूमि से हटाया गया कब्जा Guwahati: असम के कछार में 3.4 तीव्रता का भूकंप, तड़के महसूस हुए झटके42 किमी गहराई में था भूकंप का केंद्र, किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं New Delhi: सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथि New Delhi: भाजपा मुख्यालय में यूरोपीय संघ के 23 देशों के मिशन प्रमुखों से संवाद, नितिन नवीन ने साझा किया भारत का विकास विजन New Delhi: कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, बीवी श्रीनिवास बने सेवा दल के मुख्य संगठक New Delhi: एफएसएसएआई के नियमों में बड़ा बदलाव, छोटे खाद्य कारोबारियों को मिली राहत
Logo
Uturn Time
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां बोले— अब बीज और जैविक उर्वरकों की गुणवत्ता जांच के लिए दूसरे राज्यों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर
बठिंडा (Narendra Singh Danu) : पंजाब में कृषि उत्पादों की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों को प्रमाणित कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने शुक्रवार को बठिंडा में राज्य की पहली बायो-फर्टिलाइज़र क्वालिटी कंट्रोल प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। साथ ही डबवाली रोड स्थित कृषि भवन में नई सीड टेस्टिंग लैब का शिलान्यास भी किया। कृषि मंत्री ने बताया कि करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित बायो-फर्टिलाइज़र क्वालिटी कंट्रोल लैब की वार्षिक परीक्षण क्षमता कम से कम 1,000 नमूनों की है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में किसान तेजी से जैविक उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में यह प्रयोगशाला बाजार में उपलब्ध बायो-फर्टिलाइज़र की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच कर किसानों को बेहतर और प्रमाणित उत्पाद उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सीड टेस्टिंग लैब आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से बीजों की गुणवत्ता की जांच करेगी। इससे किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी तथा नकली और घटिया कृषि उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। दोनों प्रयोगशालाएं मिलकर कृषि आदानों के लिए गुणवत्ता मानकों को और अधिक मजबूत करेंगी। स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि इन प्रयोगशालाओं के शुरू होने से किसानों को बीज और जैविक उर्वरकों के नमूनों की जांच के लिए दूसरे राज्यों में नहीं भेजना पड़ेगा। अब पूरी परीक्षण प्रक्रिया पंजाब में ही उपलब्ध होगी, जिससे किसानों का समय और धन दोनों बचेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कृषि निदेशक डॉ. गुरजीत सिंह बराड़ ने कहा कि दोनों प्रयोगशालाएं विभाग की तकनीकी क्षमता को नई मजबूती देंगी। राज्य के भीतर ही परीक्षण सुविधा उपलब्ध होने से जांच प्रक्रिया तेज होगी, गुणवत्ता मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित होगा और किसानों को बुवाई से पहले सही निर्णय लेने में सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर विधायक जगरूप सिंह गिल, मास्टर जगसीर सिंह, संयुक्त निदेशक (प्लांट प्रोटेक्शन) नरिंदर पाल सिंह बेनीपाल सहित कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।