पंजाब में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर आज से शुरू होगा व्यापक घर-घर सर्वेक्षण
चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत आज 25 जून से घर-घर मतदाता गणना का पहला चरण शुरू होगा। मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि इस संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) राज्यभर में मतदाताओं तक पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि बीएलओ घर-घर जाकर प्री-प्रिंटेड गणना फॉर्म वितरित करेंगे, मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता देंगे और बाद में इन्हें एकत्रित भी करेंगे। यह अभियान 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। यदि किसी घर से फॉर्म प्राप्त नहीं होता है तो संबंधित बीएलओ तीन बार दौरा करेगा और प्रत्येक दौरे की जानकारी घर के बाहर स्टिकर लगाकर दर्ज करेगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार राज्य में 24,453 बीएलओ करीब 2.14 करोड़ मतदाताओं की गणना करेंगे। वर्तमान में 1.84 करोड़ से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जो कुल मतदाताओं का 86.02 प्रतिशत है।
1 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर गणना और मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) का कार्य पूरा किया जाएगा। मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) 3 अगस्त 2026 को प्रकाशित होगा।
3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि इनका निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
योग्य मतदाता की वोट नहीं कटेगी
अनिंदिता मित्रा ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता की घर-घर गणना के दौरान मैपिंग नहीं हो पाती है तो उसे दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया के दौरान नोटिस जारी किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी मतदाता पहचान बहाल या दर्ज करवा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना अवसर दिए मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।
विदेशी नागरिकता लेने वालों को नहीं मिलेगा मतदान का अधिकार
मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि जो व्यक्ति किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण कर चुका है और उसके पास विदेशी पासपोर्ट है, वह भारत में मतदाता बनने का पात्र नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति दो स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत पाया जाता है या विदेशी नागरिकता लेने के बावजूद भारत में वोट बनवाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है और उसे एक वर्ष तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
राजनीतिक दलों से भी लिया गया फीडबैक
मित्रा ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी सभी राजनीतिक दलों को राज्य, जिला, तहसील और बूथ स्तर पर बैठकों के माध्यम से दी जा चुकी है। राजनीतिक दलों द्वारा दिए गए कई सुझावों को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि सभी निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (ईआरओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से बीएलओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद करें और तकनीकी समस्याओं, क्षेत्रीय चुनौतियों तथा फील्ड में आने वाली अन्य दिक्कतों की समीक्षा करें, ताकि अभियान को सुचारु और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जा सके।