मिनी बस ऑपरेटरों की समस्याओं पर सरकार गंभीर, अवैध वाहनों पर सख्त कार्रवाई के आदेश
चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब सरकार वाहनों की पासिंग फीस में हालिया वृद्धि से ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों पर बढ़े वित्तीय बोझ को कम करने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी। यह आश्वासन राज्य के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मिनी बस ऑपरेटरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान दिया।
बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े छोटे और मध्यम ऑपरेटरों की आर्थिक समस्याओं को गंभीरता से देख रही है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित मिनी बस रूटों पर अवैध रूप से चल रहे वाहनों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे अनियमित वाहन न केवल स्थापित ऑपरेटरों की आजीविका को प्रभावित करते हैं, बल्कि बसों की समय-सारिणी को भी बाधित करते हैं और सड़क सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं।
बैठक में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी—परिवहन सचिव वरुण रूजम, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर परनीत शेरगिल और निदेशक राजीव कुमार गुप्ता—भी मौजूद रहे। ऑपरेटरों की ओर से सौंपे गए विस्तृत मांग पत्र पर विस्तार से चर्चा की गई और उनकी परिचालन संबंधी समस्याओं का मूल्यांकन किया गया।
मंत्री चीमा ने डीजल, टायर और लुब्रिकेंट्स जैसी जरूरी वस्तुओं की बढ़ती लागत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बढ़ती परिचालन लागत के कारण छोटे ऑपरेटर गंभीर आर्थिक दबाव में हैं और इस पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने वित्त और परिवहन विभागों को राज्य के कर ढांचे की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि स्वरोजगार आधारित इस क्षेत्र को राहत देने के लिए व्यवहारिक उपाय तैयार किए जा सकें।
बैठक में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) में प्रशासनिक ढांचे से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से उप-मंडल मजिस्ट्रेटों और अतिरिक्त उपायुक्तों को अतिरिक्त प्रभार देने से कामकाज में हो रही देरी का मुद्दा उठाया गया।
इस पर मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशासनिक नियुक्तियों को सुव्यवस्थित किया जाए, डिजिटल क्लीयरेंस प्रणाली को मजबूत किया जाए और प्रमाणपत्रों तथा अन्य प्रक्रियाओं का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि परिवहन व्यवस्था अधिक कुशल और प्रभावी बन सके।