सहकारी आवास समिति की जमीन और फ्लैटों के कथित दुरुपयोग का मामला; दिल्ली और गाजियाबाद के कई ठिकानों पर तलाशी, धनशोधन के साक्ष्य जुटाने में जुटी ईडी
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गाजियाबाद की एक आवासीय पुनर्विकास परियोजना से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन मामले में गुरुवार को दिल्ली और गाजियाबाद स्थित कई परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत की गई।
ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा चलाए गए इस तलाशी अभियान का संबंध संदीप सिंह, श्रस्थ प्रोपबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तकों तथा सेवा सुरक्षा सहकारी आवास समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ चल रही जांच से है।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोप है कि समिति के सदस्यों को पुनर्विकास योजना के तहत नए आवासीय फ्लैट देने का भरोसा दिलाकर गाजियाबाद के अकबरपुर बहरामपुर क्षेत्र में स्थित करीब 41,544 वर्गमीटर भूमि पर उनके अधिकार छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। बाद में परियोजना से जुड़े विकास अधिकारों का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए समिति की जमीन और फ्लैट तीसरे पक्ष को बेच दिए गए।
ईडी का दावा है कि इस प्रक्रिया के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया, जिसकी अब धनशोधन के पहलू से जांच की जा रही है। तलाशी के दौरान एजेंसी ने वित्तीय लेन-देन, संपत्ति सौदों और कथित अवैध आय से जुड़े दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला।
सूत्रों के अनुसार, जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि कथित धोखाधड़ी से अर्जित धन को किस प्रकार विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने की कोशिश की गई। ईडी ने कहा है कि मामले में जांच जारी है और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।