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मुख्यमंत्री भगवंत मान का ऐलान, 15 अगस्त से लागू होगी नई व्यवस्था; बोले- गांवों की तरक्की ही पंजाब के विकास की नींव
चंडीगढ़/बठिंडा (Narendra Singh Danu) : पंजाब सरकार ने राज्य के सरपंचों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके मानदेय में पांच गुना वृद्धि करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने बुधवार को बठिंडा में आयोजित ‘सरपंच मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि 15 अगस्त से राज्य के सभी सरपंचों को 2,000 रुपये की बजाय 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच गांवों के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए दिन-रात कार्य करते हैं। ऐसे में उनकी सेवाओं का सम्मान होना चाहिए और उन्हें बेहतर मानदेय मिलना चाहिए। गांवों का विकास ही पंजाब की तरक्की का आधार भगवंत मान ने कहा कि गांवों का समग्र विकास ही पंजाब की प्रगति की मजबूत नींव है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विकास परियोजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। साथ ही सरपंचों से विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और जनहित में संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की पहली और सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। सरकार योजनाएं बनाती है, लेकिन उन्हें जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सरपंच और पंच अहम भूमिका निभाते हैं। सोशल मीडिया पर भी दी जानकारी मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह कदम सरपंचों को सम्मानजनक मानदेय प्रदान करने और उन्हें अपने गांवों के विकास के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने लिखा कि जब गांव आगे बढ़ेंगे तो पंजाब भी तरक्की करेगा और राज्य सरकार लोगों की भलाई के लिए इसी तरह जनहित के फैसले लेती रहेगी। पुरानी सरकारों पर साधा निशाना कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने सरपंचों को 1,200 रुपये मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन उसे कभी पूरा नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। गांवों को स्वच्छ और विकसित बनाने की अपील मुख्यमंत्री ने सरपंचों से गांवों को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक सक्षम और सक्रिय सरपंच गांव की तस्वीर बदल सकता है तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने कहा कि सरपंच का चुनाव सबसे चुनौतीपूर्ण चुनावों में से एक होता है, क्योंकि वह सीधे जनता से जुड़ा होता है और उसकी जवाबदेही भी सबसे अधिक होती है। इसलिए पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए, ताकि मिलकर ‘रंगला पंजाब’ का सपना साकार किया जा सके।