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Panchkula: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 38 लाख के साइबर फ्रॉड मे तीसरा आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार - Uturn Time
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"फर्जी फर्मों व बैंक खातों के जरिए करते थे फ्रॉड"
पंचकूला: पंचकूला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। 38.14 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी कंपनियों के बैंक खातों के माध्यम से लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर ठगी को अंजाम दिया। मामले में पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना सहित अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पंचकूला निवासी व्यक्ति ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी कि मार्च 2024 में इंस्टाग्राम पर उन्हें शेयर मार्केट निवेश से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताने वाले आरोपियों ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद पीड़ित को अन्य व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन से जोड़कर विभिन्न बैंक खातों में लगातार पैसे जमा करवाए गए। आरोपियों ने पीड़ित को निवेश की रकम दोगुनी होने का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में करीब 38 लाख 14 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ तो उसने तुरंत साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम पंचकूला में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि पीड़ित द्वारा ट्रांसफर की गई करीब 19.50 लाख रुपये की रकम एक बैंक के एक करंट खाते में गई थी, जो कि एक कंपनी के नाम पर संचालित किया जा रहा था। यह खाता दिल्ली निवासी आरोपी विपिन के नाम पर पाया गया। जांच के दौरान साइबर क्राइम थाना टीम प्रभारी युद्धवीर सिंह की अगुवाई में जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर जगमीत सिंह ने टीम की मदद से आरोपी विपिन और उसके साथी मनविंद्र सिंह को 7 मई को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों दिल्ली के रहने वाले है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फर्जी कंपनियां खोलकर बैंक खाते किराए पर लेते और उन्हें साइबर ठगी में इस्तेमाल करते थे। मामले में आगे कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 9 मई को गिरोह के एक अन्य सदस्य सचिन भोला को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली का रहने वाला है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। आरोपी से पूछताछ में मुख्य सरगना सहित कई अन्य साथियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब बैंक खाते खुलवाने में सहायता करने वाले कर्मचारियों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोगों और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। एसीपी विक्रम नेहरा ने बताया कि ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। आमजन को किसी भी अनजान लिंक, व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया विज्ञापन के झांसे में नहीं आना चाहिए। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जांच अवश्य करें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।