"टूरिज्म के जरिए गांवों की तकदीर बदलेगी, फार्म स्टे पॉलिसी का बड़ा कदम"
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए “फार्म स्टे पॉलिसी 2026” को हरी झंडी दे दी है। इस नीति से अब गांव सिर्फ खेती का केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि पर्यटन और रोजगार के बड़े हब के रूप में उभरेंगे।
सरकार की इस पहल के तहत पर्यटक अब गांवों में रुककर असली पंजाबी जीवन का अनुभव ले सकेंगे—मिट्टी की खुशबू, खेतों की हरियाली, देसी खाना, ढोल की थाप और लोक संस्कृति का अनोखा संगम उन्हें आकर्षित करेगा।
नीति के अनुसार, कम से कम एक एकड़ जमीन वाला किसान फार्म स्टे शुरू कर सकता है। निर्माण केवल 10% भूमि तक सीमित रहेगा और अधिकतम 9 मीटर ऊंचाई की अनुमति होगी। इसमें 2 से 9 कमरे और 18 बेड तक की व्यवस्था की जा सकेगी। खास बात यह है कि यह सुविधा लीज पर ली गई जमीन पर भी लागू होगी, जिससे ज्यादा लोग इस सेक्टर में उतर सकेंगे।
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर आसान और तेज कर दिया है। साथ ही निवेशकों को 10% तक कैपिटल सब्सिडी (5 करोड़ रुपये तक), SGST रिइम्बर्समेंट, मार्केटिंग सपोर्ट और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया गया है—सोलर एनर्जी, ऑर्गेनिक खेती और जल संरक्षण को अनिवार्य बनाया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि यह नीति किसानों को “एग्री-टूरिज्म उद्यमी” बनाएगी और पंजाब को ग्रामीण पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।