"सफाई सेवकों का धरना तीसरे दिन भी जारी; सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी"
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न): सफाई सेवक यूनियन म्युनिसिपल एक्शन कमेटी पंजाब द्वारा अपनी जायज मांगों को लेकर शुरू किया गया संघर्ष आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है। नगर परिषद जगरांव में चल रहे धरने के दौरान कर्मचारियों का जोश और एकजुटता हर बीतते दिन के साथ और अधिक मजबूत होती दिख रही है। सफाई सेवकों और नगर परिषद कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के तत्काल समाधान की मांग की।
षड्यंत्रों का पर्दाफाश: दिल्ली और सरकार की मिलीभगत पर हमला: इस अवसर पर सफाई सेवक यूनियन म्युनिसिपल एक्शन कमेटी पंजाब के सदस्य और लुधियाना जिला अध्यक्ष अरुण गिल ने कड़े शब्दों में दिल्ली और पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा: "दिल्ली से पंजाब सरकार को रिमोट कंट्रोल से चलाने वाले नेता, सफाई सेवकों के इस हक की लड़ाई को कमजोर करने के लिए अपने 'पिछलग्गू' प्रधानों के माध्यम से साजिशें रच रहे हैं। कुछ कथित नेता सरकार की बोली बोलकर इस आंदोलन में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारी अब इन चेहरों और उनकी चालों को अच्छी तरह पहचान चुके हैं।"
गद्दारों और अवसरवादियों से बचने की अपील: प्रधान अरुण गिल ने स्पष्ट किया कि सफाई सेवकों को ऐसे गद्दार और अवसरवादी नेताओं से सचेत रहने की जरूरत है, जो कर्मचारियों के हितों का सौदा कर सरकार को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही मांगों का समाधान नहीं किया, तो इस संघर्ष को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
सामाजिक संगठनों का मिला समर्थन: धरने के दौरान 'ऑल इंडिया भारत विकास युवा सभा' के चेयरमैन संजय कुमार बब्बा और 'ऑल इंडिया भारत विकास सभा' पंजाब के महासचिव सनी मल्होत्रा ने विशेष रूप से पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सफाई सेवक समाज की रीढ़ हैं और उनकी जायज मांगों को दबाना सरासर नाइंसाफी है।
मुख्य मांगें और संदेश: बाहरी हस्तक्षेप और "दिल्ली के प्रधानों" के प्रभाव को खत्म करना।
हक की लड़ाई में फूट डालने वाले नेताओं का बहिष्कार।
मांगें न माने जाने पर राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी।