पूर्व विधायक राजविंदर कौर भागीके और हरभुपिंदर सिंह लाडी अकाली दल में शामिल
नवीन गोगना
लुधियाना, 1 फरवरी /यूटर्न : मोगा ज़िले में कांग्रेस और पुनर सृजित अकाली दल को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पूर्व कांग्रेसी विधायक राजविंदर कौर भागीके और पुनर सृजित गुट के नेता हरभुपिंदर सिंह लाडी पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की मौजूदगी में शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए।
सुखबीर सिंह बादल के निहाल सिंह वाला के गांव बुट्टर कलां दौरे के दौरान ये नेता शिरोमणि अकाली दल में शामिल हुए। इससे निहाल सिंह वाला क्षेत्र में शिरोमणि अकाली दल को बड़ी मजबूती मिली है।
इन दो नेताओं के अलावा पार्टी में शामिल होने वालों में युवा नेता जसदीप सिंह अपने 200 समर्थकों के साथ, पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य गुरदेव सिंह भागीके, ब्लॉक समिति सदस्य पलविंदर सिंह बुट्टर, पूर्व सरपंच हरमेल कौर रामूवाला हरचोके और एडवोकेट अमनिंदर सिंह बुट्टर भी शामिल हैं।
सुखबीर सिंह बादल ने समस्त पंजाबियों से अपील की कि वे पुनर सृजित अकाली दल के मंसूबों से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि इस गुट ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर अकाली दल को खत्म करने की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि अब जब लोगों ने इस पर विश्वास करने से इनकार कर दिया और पुनर सृजित गुट की साजिश को नाकाम कर दिया है, तो इसके मुखिया ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने स्वयं स्वीकार कर लिया है कि वे मेरे खिलाफ अकाली दल में किसी भी पद पर बने रहने के लिए 10 साल की पाबंदी लगाना चाहते थे।
अकाली दल के अध्यक्ष ने ज़ोर देकर कहा कि वे पंथ-विरोधी ताकतों का हमेशा डटकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने स्वयं और न ही कभी सरदार प्रकाश सिंह बादल ने सिख कौम या पंजाब के हितों के साथ कोई समझौता किया है। उन्होंने कहा कि कौम का मान-सम्मान, पंजाब और अकाली दल हमेशा उनके लिए सर्वोपरि रहे हैं।