तीन दिन तक चली ड्राइव टेस्टिंग में कॉल ड्रॉप, कवरेज और इंटरनेट स्पीड की जांच, जियो ने डेटा और कॉल दोनों में दिखाई बढ़त
नई दिल्ली(Naren Danu) : मुंबई में मोबाइल नेटवर्क की वास्तविक स्थिति जानने के लिए दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) द्वारा किए गए ड्राइव टेस्ट में निजी दूरसंचार कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि सरकारी कंपनी एमटीएनएल की सेवाएं सबसे कमजोर साबित हुईं। तीन दिन तक चले इस गुणवत्ता परीक्षण में रिलायंस जियो ने अधिकांश मानकों पर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि भारती एयरटेल दूसरे स्थान पर रही।
केंद्रीय संचार मंत्रालय के मुताबिक, 10 से 12 जून के बीच किए गए इस परीक्षण में शहर के 204.3 किलोमीटर लंबे रूट और सात प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता को परखा गया। इसमें नेटवर्क कवरेज, कॉल ड्रॉप, कॉल के दौरान आवाज की स्पष्टता और मोबाइल इंटरनेट स्पीड जैसे प्रमुख मानकों का मूल्यांकन किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, कॉल ड्रॉप के मामले में जियो का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा और उसके नेटवर्क पर एक भी कॉल ड्रॉप दर्ज नहीं हुई। एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया (वीआई) के नेटवर्क पर एक-एक कॉल ड्रॉप रिकॉर्ड की गई, जबकि एमटीएनएल के नेटवर्क पर 28 कॉल ड्रॉप सामने आए।
डेटा स्पीड के मोर्चे पर भी जियो ने प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ दिया। कंपनी की औसत डाउनलोड स्पीड 237.81 एमबीपीएस और अपलोड स्पीड 40.92 एमबीपीएस दर्ज की गई। एयरटेल ने 93.76 एमबीपीएस डाउनलोड और 25.92 एमबीपीएस अपलोड स्पीड हासिल की, जबकि वीआई की डाउनलोड स्पीड 70.69 एमबीपीएस और अपलोड स्पीड 25.57 एमबीपीएस रही। एमटीएनएल के लिए डेटा स्पीड का कोई विश्वसनीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सका।
नेटवर्क कवरेज के विश्लेषण में वीआई के नेटवर्क में सबसे कम पांच कवरेज गैप दर्ज किए गए। एयरटेल में 102 और जियो में 144 स्थानों पर कवरेज गैप मिला। दूसरी ओर, एमटीएनएल का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जहां 17,877 नमूनों में नेटवर्क कवरेज नहीं मिला।
कॉल के दौरान आवाज रुकने की समस्या एयरटेल के नेटवर्क पर 14 बार दर्ज की गई, जबकि जियो और वीआई में यह समस्या केवल एक-एक बार सामने आई।
टीआरएआई का यह परीक्षण मुंबई के प्रमुख इलाकों और सार्वजनिक स्थलों, जिनमें बांद्रा-वर्ली सी-लिंक, महिम, दादर, परेल, चर्चगेट, गेटवे ऑफ इंडिया, मरीन ड्राइव और सीएसएमटी सहित कई रेलवे स्टेशन शामिल थे, पर किया गया। नियामक का उद्देश्य उपभोक्ताओं को वास्तविक नेटवर्क गुणवत्ता की जानकारी उपलब्ध कराना और दूरसंचार कंपनियों की सेवाओं का निष्पक्ष मूल्यांकन करना है।