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सीबीआई ने 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते बिछाया जाल, शिलांग परियोजना निदेशक और दो निजी व्यक्ति रंगे हाथ दबोचे
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के शिलांग स्थित परियोजना निदेशक समेत तीन लोगों को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 13.38 करोड़ रुपये का बकाया बिल पास कराने के बदले 12 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। सीबीआई के अनुसार शिकायत मिलने पर 1 जुलाई को एनएचएआई, शिलांग के परियोजना निदेशक आनंद सिंह चौहान, एक निजी व्यक्ति और अन्य आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान एजेंसी ने जाल बिछाकर दो निजी व्यक्तियों पुनीत अग्रवाल और मनीष अग्रवाल के साथ पूरे रिश्वत नेटवर्क का खुलासा किया। 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा सीबीआई ने कार्रवाई के दौरान एक निजी व्यक्ति को शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद परियोजना निदेशक आनंद सिंह चौहान और एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में आरोपितों के ठिकानों पर तलाशी भी ली गई। बिल पास कराने के बदले मांगे थे 12 लाख रुपये जांच एजेंसी के अनुसार, एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने शिकायतकर्ता का 13.38 करोड़ रुपये का बकाया बिल मंजूर करने के बदले 12 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि उन्होंने पहले 4 लाख रुपये अग्रिम देने को कहा और शिकायतकर्ता को निर्देश दिया कि यह रकम गुवाहाटी में एक व्यक्ति को सौंपी जाए, जिसने आगे इसे दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाना था। सीबीआई पूरे मामले में रिश्वतखोरी के नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।