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29 जून से नई EPF Scheme 2026 लागू; निष्क्रिय खातों की रकम से तीन IIT स्थापित किए जा सकते हैं, EPFO ने हाई-वैल्यू खातों का डेटा देने से किया इनकार
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की नई EPF Scheme 2026 लागू होने के साथ ही एक RTI से बड़ा खुलासा हुआ है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, देश में 30.91 लाख निष्क्रिय EPF खातों में 9,330 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बिना दावे के पड़ी है। यह रकम इतनी बड़ी है कि इससे लगभग तीन नए IIT स्थापित किए जा सकते हैं। नई EPF Scheme 2026 को केंद्र सरकार ने अधिसूचित कर दिया है और यह 29 जून 2026 से प्रभावी हो चुकी है। इस योजना ने 1952 की पुरानी EPF योजना का स्थान लिया है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से नियम सरल होंगे और करीब 8 करोड़ सक्रिय EPFO सदस्यों को अधिक डिजिटल और सुविधाजनक सेवाएं मिलेंगी। RTI के जवाब में EPFO ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक संगठन के पास 30,91,862 निष्क्रिय खाते थे, जिनमें 9,330 करोड़ रुपये जमा थे। एक साल पहले यानी 31 मार्च 2025 तक ऐसे खातों की संख्या 31.83 लाख थी और उनमें 10,181 करोड़ रुपये जमा थे। यानी एक वर्ष में करीब 92 हजार खाते और 851 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, निष्क्रिय खातों में पड़ी यह राशि केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना पर हुए कुल खर्च के लगभग बराबर है। वहीं, 2014 के सरकारी अनुमान और मौजूदा महंगाई के आधार पर आकलन करें तो इस रकम से तीन IIT स्थापित किए जा सकते हैं और इसके बाद भी लगभग 500 करोड़ रुपये बचेंगे। RTI में पिछले पांच वर्षों के निष्क्रिय खातों, आधार से जुड़े खातों, हाई-वैल्यू अकाउंट (5 लाख रुपये से अधिक) और ऑटो-सेटलमेंट से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई थी। हालांकि EPFO ने कहा कि Inactive Account Cell (IAC) की स्थापना 2025-26 में हुई है, इसलिए पुराने वर्षों का डेटा उपलब्ध नहीं है। वहीं आधार-लिंक्ड और हाई-वैल्यू खातों की जानकारी RTI अधिनियम की धारा 8(1)(e) का हवाला देते हुए साझा करने से इनकार कर दिया गया।