Uturn Time
Breaking
Panipat: 14 जुलाई से पहले हर हाल में पूरा करें , डिजिटाइजेशन कार्य : उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ Panipat: बीबीएमबी में राज्य कमेटी की बैठक सम्पन्न, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा Mumbai: मोबाइल पर बात करना पड़ा भारी, खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत; विधानसभा में गूंजी गूंज Kurukshetra: अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला में भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित Hoshiarpur: SIT की कार्यप्रणाली निष्पक्ष जांच के बजाय राजनीतिक दबाव का माध्यम बनती जा रही है : विजय सांपला Hoshiarpur: सेंट्रल जेल होशियारपुर की वायरल वीडियो मामले में बड़ी कार्रवाई: 12 गिरफ्तार, दो जेल अधिकारी भी शामिल: एसएसपी संदीप कुमार मलिक Hoshiarpur: होशियारपुर जेल वायरल वीडियो मामला: डिप्टी सुपरिटेंडेंट हरभजन सिंह गिरफ्तार Dehradun: सेना भर्ती CEE परीक्षा का रिजल्ट 3-4 दिन में, 25 जुलाई से शुरू होगी फिजिकल टेस्ट Sonipat: सोनीपत में शांतिपूर्ण संपन्न हुई HTET की परीक्षाएं, दूसरे दिन 9,807 अभ्यर्थी हुए शामिल Yamunanagar: यमुनानगर में दो युवकों से अवैध हथियार बरामद, दो देसी कट्टे और कारतूस के साथ गिरफ्तार Faridabad: फरीदाबाद में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता का भव्य स्वागत, बोलीं- कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत Chandigarh: चंडीगढ़ में लागू हुआ राइट टू बिजनेस एक्ट, अब सिंगल विंडो से मिलेंगी कारोबार की मंजूरियां
Logo
Uturn Time
1991 में युवक के अपहरण और लापता होने का मामला, 15 साल फरार रहने के बाद CBI ने किया था गिरफ्तार
चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : मोहाली स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 35 साल पुराने अपहरण मामले में पंजाब पुलिस के भगोड़े हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले में अन्य तीन पुलिसकर्मियों को वर्ष 2023 में सजा सुनाई जा चुकी थी। 15 साल फरार रहने के बाद गिरफ्तारी कश्मीर सिंह ट्रायल के दौरान फरार हो गया था, जिसके बाद अदालत ने 21 जुलाई 2010 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। करीब 15 साल बाद सीबीआई ने 12 नवंबर 2025 को उसे गिरफ्तार किया। दोबारा मुकदमा शुरू होने के बाद 2 मार्च 2026 को उस पर आरोप तय किए गए और अब अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। 1991 में हुआ था अपहरण सीबीआई के अनुसार, 7 अगस्त 1991 को तत्कालीन एसएचओ सूबा सिंह, एएसआई दलबीर सिंह, हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह और कांस्टेबल रावेल सिंह ने कथित तौर पर बलजीत सिंह का अपहरण कर उसे तरनतारन के झबाल थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा था। परिजनों का दावा है कि वे कई दिनों तक थाने में बलजीत सिंह से मिलते रहे, लेकिन करीब दस दिन बाद पुलिस ने हिरासत में होने से ही इनकार कर दिया। इसके बाद बलजीत सिंह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं लग सका। हाईकोर्ट के आदेश पर CBI जांच पीड़ित की पत्नी ने इंसाफ की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के निर्देश पर 20 मार्च 2006 को सीबीआई ने मामला दर्ज किया और जांच के बाद 26 अप्रैल 2007 को चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बाकी तीन आरोपियों को पहले ही मिल चुकी सजा सीबीआई की विशेष अदालत ने 29 मार्च 2023 को तत्कालीन एसएचओ सूबा सिंह, एएसआई दलबीर सिंह और कांस्टेबल रावेल सिंह को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल की सश्रम कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अब कश्मीर सिंह को भी समान सजा मिलने के साथ इस बहुचर्चित मामले का न्यायिक निपटारा पूरा हो गया।