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रंधावा बोले- पंजाब की कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा पर हुई चर्चा; उधर चन्नी ने समर्थकों की बैठक बुलाकर बढ़ाया सियासी दबाव
चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। प्रदेश अध्यक्ष पद पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बरकरार रखने के फैसले के बीच कांग्रेस सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद रंधावा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने गृह मंत्री के साथ पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा, पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद, नार्को-टेरर नेटवर्क और गैंगस्टरों की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ की पहल पर हुई। दो पत्रों के आधार पर बुलाया गया रंधावा ने बताया कि उन्होंने 4 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट सहित सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई थी। इस पत्र की प्रति गृह मंत्री को भी भेजी गई थी। इसके बाद 23 जून को भेजे गए दूसरे पत्र में उन्होंने गैंगस्टरों की गतिविधियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का विस्तार से उल्लेख किया। रंधावा ने कहा कि इन्हीं पत्रों के आधार पर उन्हें गृह मंत्री से चर्चा के लिए बुलाया गया। 'राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा' रंधावा ने कहा कि बैठक में उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), मिलिट्री इंटेलिजेंस, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में रंगदारी, धमकियां और जेलों के भीतर से मोबाइल फोन के इस्तेमाल की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार मानती है कि पाकिस्तान की ओर से राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिशें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं, तो इस पर निर्णायक कार्रवाई करना उसकी जिम्मेदारी है। उधर चन्नी का शक्ति प्रदर्शन इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित आवास पर समर्थक नेताओं की बैठक बुलाई। बैठक में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू सहित कई वरिष्ठ नेता पहुंचे। कांग्रेस के भीतर इसे संगठनात्मक असंतोष और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा ने दिए संकेत रंधावा और अमित शाह की मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि भाजपा एक बड़ा परिवार है और पार्टी में आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों का दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मिलना सामान्य प्रक्रिया है और रंधावा किसी काम के सिलसिले में गृह मंत्री से मिले होंगे।