चंडीगढ़/यूटर्न/3 जुलाई। कॉम्पिटिटिव एंट्रेंस टेस्ट (प्रवेश परीक्षाओं) को लेकर हालिया विवादों के बाद भारत की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी हो रही है। केंद्र सरकार उन प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत तक वेटेज देने पर विचार कर रही है, जिनमें अभी एडमिशन सिर्फ नीट और जेईई जैसी प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर होता है। यह प्रस्ताव सुधारों के उस बड़े पैकेज का हिस्सा है, जिस पर शिक्षा मंत्रालय प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की देखरेख में विचार कर रहा है। इस कदम का मकसद बोर्ड परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं के भारी दबाव को कम करना और पेपर लीक, मूल्यांकन में गड़बड़ी और दूसरी अनियमितताओं के बाद परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करना है।
50 प्रतिशत तक वेटेज देना शामिल
इस चर्चा से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित बदलावों में एडमिशन मेरिट लिस्ट तैयार करते समय बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत तक वेटेज देना शामिल है, जबकि बाकी वेटेज प्रवेश परीक्षाओं से मिलेगा। अभी मेडिकल और इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन लगभग पूरी तरह से नीट और जेईई के स्कोर पर आधारित होते हैं, और बोर्ड परीक्षा के अंक सिर्फ़ योग्यता के मानदंड के तौर पर काम आते हैं। सुधार पैकेज में नीट और जेईई के सिलेबस को स्कूली पाठ्यक्रम के साथ बेहतर ढंग से जोड़ने की भी योजना है, ताकि प्राइवेट कोचिंग संस्थानों पर छात्रों की निर्भरता कम हो सके। सिलेबस में तालमेल बिठाने के लिए नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) को नोडल एजेंसी बनाए जाने की संभावना है।
अन्य प्रस्तावों में कई चीजें शामिल
विचार किए जा रहे अन्य प्रस्तावों में उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षाओं में कई बार शामिल होने की अनुमति देना और धीरे-धीरे अडैप्टिव, ऑन-डिमांड कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग की ओर बढ़ना शामिल है। उम्मीद है कि नया मॉडल ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देगा और साल में एक बार होने वाली परीक्षा से जुड़े दबाव को कम करेगा। ये प्रस्तावित सुधार भारत की परीक्षा प्रणाली की लगातार हो रही आलोचना के बाद सामने आए हैं, खासकर नीट और दूसरी कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बाद, जिन्होंने पारदर्शिता, निष्पक्षता और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। इसके बाद सरकार ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा ढांचे की व्यापक समीक्षा शुरू की है।
हायर एजुकेशन एडमिशन प्रक्रिया में बदलावों में से एक
अगर ये बदलाव लागू होते हैं, तो यह दशकों में भारत की हायर एजुकेशन एडमिशन प्रक्रिया में सबसे बड़े बदलावों में से एक होगा। इससे स्कूली शिक्षा को ज़्यादा महत्व मिलेगा और एक ही प्रवेश परीक्षा पर अत्यधिक निर्भरता कम होगी। हालांकि, अधिकारियों ने संकेत दिया है कि प्रस्तावों पर अभी विचार चल रहा है और कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अगर मंज़ूरी मिल जाती है, तो उम्मीद है कि शिक्षा बोर्ड, टेस्टिंग एजेंसियों, विश्वविद्यालयों और दूसरे संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद इन सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
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