अतिरिक्त पीएफ जमा करना होगा स्वैच्छिक, निकासी नियम भी हुए आसान; खाते में 25% राशि रखना अनिवार्य
नई दिल्ली (Narendra Singh Dnau) : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने लगभग आठ करोड़ सक्रिय सदस्यों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना के नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब 12 प्रतिशत पीएफ अंशदान केवल 15,000 रुपये प्रतिमाह की वैधानिक वेतन सीमा तक ही अनिवार्य होगा। इससे अधिक वेतन पर किया जाने वाला अतिरिक्त योगदान स्वैच्छिक (Voluntary) माना जाएगा।
नई ईपीएफ योजना-2026 के अनुसार अनिवार्य पीएफ योगदान की अधिकतम सीमा 1,800 रुपये प्रति माह ही रहेगी। यानी यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन एक लाख रुपये प्रतिमाह भी है, तब भी उसके लिए अनिवार्य पीएफ अंशदान 1,800 रुपये ही होगा। हालांकि कर्मचारी चाहें तो अपनी सेवानिवृत्ति बचत बढ़ाने के लिए इससे अधिक राशि स्वेच्छा से जमा कर सकेंगे।
अतिरिक्त अंशदान कभी भी घटा या बंद किया जा सकेगा
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी वैधानिक वेतन सीमा से अधिक वेतन पर स्वैच्छिक पीएफ योगदान का विकल्प चुन सकते हैं। नियोक्ता (Employer) चाहें तो अतिरिक्त योगदान के बराबर राशि जमा कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करना उनके लिए अनिवार्य नहीं होगा। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों किसी भी समय इस अतिरिक्त योगदान को कम या पूरी तरह बंद भी कर सकेंगे।
पीएफ निकासी के नियम हुए आसान
ईपीएफओ ने पीएफ निकासी से जुड़ी 13 अलग-अलग श्रेणियों को घटाकर केवल तीन प्रमुख श्रेणियों में समेट दिया है। इन बदलावों का उद्देश्य निकासी प्रक्रिया को सरल बनाना और सदस्यों को सुविधा प्रदान करना है।
नई श्रेणियां इस प्रकार हैं:
आवश्यक जरूरतें (Essential Needs): बीमारी, शिक्षा और विवाह।
आवास संबंधी जरूरतें (Housing Needs): मकान खरीदना, निर्माण या आवास से जुड़े अन्य खर्च।
विशेष परिस्थितियां (Special Circumstances): अन्य सभी आपात स्थितियां।
खाते में 25 प्रतिशत राशि रखना होगा जरूरी
नए नियमों के अनुसार सदस्य कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के अंशदान सहित अपनी पात्र राशि का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, लेकिन उन्हें अपने पीएफ खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड का एक हिस्सा सुरक्षित रखना है।
नियोक्ताओं के लिए भी नई व्यवस्था
नई ईपीएफ योजना लागू होने के बाद प्रत्येक नियोक्ता को 15 दिनों के भीतर Form-V के माध्यम से समेकित (Consolidated) रिटर्न जमा करना होगा। इस रिटर्न में कर्मचारियों का आधार नंबर, पैन, यूएएन (UAN), सकल वेतन (Gross Wages) और ईपीएफ वेतन सहित अन्य आवश्यक विवरण शामिल करना अनिवार्य होगा।
हालांकि, ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि संगठन की सदस्यता से जुड़े मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।