लुधियाना में नहरी वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की आड में सरेआम करप्शन
राजदीप सिंह सैनी
लुधियाना/यूटर्न/2 जुलाई। लुधियाना कारपोरेशन में अक्सर ही जनता द्वारा टैक्स में दिए पैसों में हेरफेर करने के आरोप लगते हैं। लेकिन इस बार एक अनोखा मामला सामने आया है। जिसमें ठेकेदारों द्वारा घुमा फिराकर नहीं सीधा ही लोगों से पेमेंट मांगकर करप्शन की जा रही है। लेकिन नियम देखें तो पेमेंट नहीं ली जा सकती। दरअसल, पूरे पंजाब में नहरी जल को घरों तक पहुंचाने के लिए वाटर सप्लाई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। वर्ल्ड बैंक ने इस प्रोजेक्ट के लिए साढ़े 1400 करोड़ लुधियाना कारपोरेशन को दिए हैं। लेकिन यह प्रोजेक्ट लोगों को सुविधा देने की जगह समस्या बनता जा रहा है। दरअसल, इस प्रोजेक्ट के ठेकेदारों द्वारा कारिंदों के जरिए कनेक्शन व तोड़फोड़ के नाम पर 1500 से लेकर 6000 रुपए तक लेकर जमकर करप्शन की जा रही है। यहीं नहीं इस पेमेंट के अलावा पाइप और अन्य सामान का खर्च अलग से देना होगा। ठेकेदार मोनू का कहना है कि उन्हें निगम इसके पैसे नहीं देता, तो हम पैसे लेगें। हल्का साउथ में पड़ते वॉर्ड 31 की विश्वकर्मा कॉलोनी में यह मामला सामने आया है। इलाके की गली नंबर 13 की एक वीडियो भी सामने आई है। जिसमें ठेकेदार मोनू के कारिंदें पैसे मांग रहे हैं, जबकि बाद में ठेकेदार से पूछने पर उसने भी पैसे देने की बात कही है। अब इसमें अफसरों की अनदेखी है या कुछ और, यह तो अधिकारी ही बता सकते हैं। इससे जनता में काफी रोष है।
वर्ल्ड बैंक निगम को अदा कर रहा हर चीज का पैसा
लुधियाना का यह जल सप्लाई पाइपलाइन प्रोजेक्ट करीब साढ़े 1400 करोड़ का है। वर्ल्ड बैंक इसमें फाइनेंस कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत नहरी पानी 24/7 यानि कि सातों दिन और 24 घंटे लोगों के घरों में आएगा। इसका टेंडर पंजाब सरकार ने कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी को अलॉट किया है। इसकी सुपरवीजन कारपोरेशन लुधियाना और पंजाब वाटर एंड सीवरेज सप्लाई बोर्ड कर रहे हैं। प्रोजेक्ट के तहत सभी इलाकों में पाइपलाइन बिछाकर घरों की लाइन से अटैच किया जाएगा। वर्ल्ड बैंक द्वारा मेन लाइन बिछाने से लेकर घरों की पाइप से अटैच करने तक के लिए पैसा दिया गया है। निगम वहीं पैसा ठेकेदारों को दे रहा है। जिसके मुताबिक पैसा लिया नहीं जा सकता।
पाइप और होदी तोड़ने की भरपाई करेगा ठेकेदार
पाइपलाइन बिछाने के लिए गलियों की एक साइड करीब पांच फीट गहरा खड्डा खोदा जा रहा है। जिसमें नई लाइन बिछाकर घरों की पानी सप्लाई से अटैच किया जा रहा है। इस खुदाई के दौरान अगर किसी घर की सीवरेज-पानी की पाइप या होदी टूट जाए तो इसका खर्च ठेकेदार को चुकाना होगा। जिन ठेकेदारों को ठेका मिला है, उनकी शर्तों में यह चीजें क्लियर है। लेकिन ठेकेदार अपना पैसा बचाने के लिए जनता से ही रिपेयर करवा रहे हैं। अगर कोई ठेकेदार पैसे मांगता है तो तुरंत इसकी शिकायत निगम कमिश्नर से की जा सकती है।
क्या लीडरों के समर्थकों को नहीं है जानकारी
ढोलेवाल की विश्वकर्मा कॉलोनी में चल रहे इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी राजनेताओं द्वारा वॉर्ड में मौजूद उनके नेताओं को दे रखी है। नेता रोजाना चक्कर भी लगा रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि फिर भी सरेआम लोगों से अवैध वसूली हो रही है। चर्चाएं हैं कि या तो नेताओं के समर्थकों की भी मिलीभगत है या उन्हें इस करप्शन का पता ही नहीं चल पा रहा।
अवैध वसूली की होती है बांदर बांट
चर्चा है कि इस अवैध वसूली से रोजाना हजारों रुपए की कमाई हो रही है। यह रकम सिर्फ ठेकेदार द्वारा ही नहीं रखी जाती, बल्कि आगे भी बांटी जाती है। जिसमें निगम व वाटर सप्लाई विभाग के अधिकारियों को भी हिस्सा पहुंचता है। चर्चा है कि कई नेतागन भी इस खेल में शामिल है।
लोगों पर लटकाई जा रही तलवार
इलावा निवासियों के मुताबिक गलियां तोड़ने से पहले ठेकेदार और उनके कारिंदों द्वारा पहले पेमेंट लेने संबंधी कोई बात नहीं कही जाती। लेकिन जब-जब जिस घर के आगे खुदाई होती है, साथ साथ उन्हें कह दिया जाता है कि पेमेंट दो, तभी पाइप जोड़ी जाएगी। अगर पेमेंट न दी तो ऐसे ही लाइन बंद कर देगें। जनता के ऊपर तलवार लटका दी जाती है, ताकि वे किसी को शिकायत भी न कर सके और तुरंत पैसे भी दे।
हर चीज का रेट फिक्स, मिस्त्री भी देगा ठेकेदार
ठेकेदार द्वारा हर चीज का रेट फिक्स किया हुआ है। लोगों से पाइप कनेक्शन जोड़ने के 1500 रुपए, पाइपें टूटने पर नई लगाने के 1500 और होदी टूटने पर नई बनवाने के 4000 रुपए फिक्स कर रखे हैं। अब हर घर के बाहर होदी है, जो टूटेगी। ठेकेदार-अफसरों की मिलीभगत यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी और से अपने मिस्त्री भी नियुक्त कर रखे हैं। जो व्यक्ति पैसे दे देता है, उन्हें मिस्त्री भी ठेकेदार देता है। ठेकेदार के कारिंदे ने बताया कि मिस्त्री ठेकेदार के पास नौकरी करता है। इस लिए पैसा ठेकेदार ही लेगा।
हमें तोड़ने के आदेश, खर्च सारा आपका
ठेकेदार के कारिंदों का कहना है कि उन्हें ठेकेदार की तरफ से होदी और सीवरेज तोड़ने के आदेश है। उसके बाद पाइप डाली जाएगी। फिर होदी बनाने का जो खर्च आएगा, वे भी जनता का होगा। नहीं पैसे दोगे, तो हम बीच ही छोड़कर चले जाएंगे। सरकार द्वारा जनता को सुविधा देने की जगह नई समस्या खड़ी कर दी है।
जनता के लिए सूचना, पैसे मांगे वापिस
वहीं एक्सपर्ट की मानें तो अभी कनेक्शन किए ही नहीं जा सकते। जब तक पाइपलाइन में पानी नहीं आता, तब तक कैसे कनेक्शन होंगे। इस लाइन को शुरु होने में अभी छह महीने लग जाएगे। वहीं एक्सपर्ट मुताबिक सरकार जब सड़कें या सीवरेज लाइन बनाती है, तो क्या जनता से पैसे लिए जाते हैं। बस उसी तरह इसमें भी जनता से पैसे नहीं ले सकते। यह काम सरकार का है। अगर किसी ने पैसे दिए हैं तो वे अधिकारियों को शिकायत करके पेमेंट वापिस ले सकते हैं।
लोगों से पैसे लेना इललीगल, एक्शन लिया जाएगा
हल्का साउथ से विधायक राजिंदर पाल कौर छीना का कहना है कि नहरी पानी घरों तक पहुंचाने के लिए यह प्रोजेक्ट चल रहा है। निगम द्वारा ठेकेदारों को पाइप डालने और कनेक्शन करने के पैसे दिए जा रहे हैं। अगर ठेकेदार पैसे ले रहा है, तो यह इललीगल है। वॉर्ड 31 से आप नेता को इसकी जांच के लिए कहा जा रहा है। जांच करके एक्शन लिया जाएगा।
हमें सिर्फ पाइप डालने के पैसे मिल रहे
ठेकेदार मोनू मुताबिक हमारे पास ठेका सिर्फ पाइप डालने का है। कनेक्शन जोड़ने के हमें निगम पैसे नहीं देता। कनेक्शन कराना है तो आप अपने पैसे लगाएं। बाहर से मिस्त्री आएगा तो 3500 रुपए लेगा, हमारे वर्कर करेगें तो 1500 रुपए लेगें, बस यहीं फर्क है। विश्वकर्मा कॉलोनी की गली नंबर 14 व 15 में भी लोगों ने पैसे देकर काम करवाया है।
ठेकेदार पर लिया जाएगा एक्शन
एक्सियन मनप्रीत सिंह ने कहा कि निगम द्वारा ठेकेदार को हर चीज की पेमेंट की जा रही है। जनता से पैसे लेने का कोई मतलब ही नहीं है। मेरी तरफ से खुद मौके पर जाकर लोगों को पैसे न देने की बात कही गई थी। पाइपलाइन बिछाते हुए अगर होदी या कोई अन्य पाइप टूटेगी तो भी ठेकेदार ही रिपेयर करेगा। अगर पैसे लेने की बात सही हुई, तो जांच कर ठेकेदार पर एक्शन लिया जाएगा। करप्शन बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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