मोदी बोले— जापानी कंपनियों की समस्याओं का होगा समाधान; 10 ट्रिलियन येन निवेश और कारोबार बढ़ाने पर फोकस, संयुक्त आर्थिक मंच में निवेश व तकनीकी सहयोग पर जोर।
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : भारत-जापान आर्थिक साझेदारी को नई गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) जल्द ही एक विशेष ‘जापान बिजनेस वीक’ आयोजित करेगा, जिसमें जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान और कारोबार को आसान बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अगले दस वर्षों में जापान से 10 ट्रिलियन येन निवेश आकर्षित करने और देश में कार्यरत जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने हरियाणा के खरखोदा में मारुति सुजुकी के नए संयंत्र का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में बनने वाली सुजुकी की दो-तिहाई कारें भारत में तैयार होती हैं और उनका निर्यात 100 से अधिक देशों में किया जाता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, संयुक्त आर्थिक मंच में दोनों देशों ने विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। बैठक में निवेश बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक मजबूत बनाने, ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के तहत विनिर्माण सहयोग बढ़ाने, स्वच्छ विकास तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश तथा भारत की तेज विकास गति मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने कर व्यवस्था, सुशासन और कारोबार सुगमता के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं तथा कई क्षेत्रों को निजी निवेश के लिए खोला गया है।
उन्होंने कहा कि लगातार चार वर्षों से जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (JBIC) के सर्वे में भारत जापानी कंपनियों के लिए सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और पिछले वित्त वर्ष में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने जापानी प्रधानमंत्री की मोटरसाइकिलों में रुचि का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में कावासाकी, यामाहा और होंडा जैसी कंपनियों की मोटरसाइकिलें बन रही हैं और दुनिया भर में निर्यात की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एयर कंडीशनर, बिजली ग्रिड उपकरण और चिकित्सा प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी भारत-जापान सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है।