जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में नगर निगम, एचएसवीपी, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों को दिए स्पष्ट दिशा-निर्देश
पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में बुधवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में 15वें वित्त आयोग के स्वास्थ्य अनुदान के तहत शहरी क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के प्रभावी संचालन एवं अनुदान राशि के उपयोग को लेकर जिला स्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), स्वास्थ्य विभाग, जिला परिषद, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त स्वास्थ्य अनुदान का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्र के प्रत्येक जरूरतमंद नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी क्षमता के साथ संचालित हो और सरकार की मंशा के अनुरूप नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी, लापरवाही अथवा प्रक्रियागत बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग नियमित समीक्षा करते हुए कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करें तथा यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसका समाधान तत्काल समन्वय के माध्यम से किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर शहरी गरीब एवं वंचित वर्ग के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, संक्रामक एवं गैर-संचारी रोगों की जांच एवं उपचार, तपेदिक एवं कुष्ठ रोग प्रबंधन, सामान्य बाह्य रोगी सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य, वृद्धजन स्वास्थ्य, नेत्र एवं कान-नाक-गला संबंधी सेवाएं, दंत चिकित्सा, आपातकालीन चिकित्सा सहित व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बैठक में 15वें वित्त आयोग के शहरी स्वास्थ्य घटक के अंतर्गत जारी मानक संचालन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को स्वास्थ्य अनुदान राशि के उपयोग, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों, जिला स्वास्थ्य समिति, शहरी स्थानीय निकायों, जिला स्तरीय समिति तथा जिला वित्त समिति की भूमिका, धनराशि जारी करने की प्रक्रिया, बिल भुगतान प्रणाली, लोक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से भुगतान, उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर प्रस्तुत करने, वित्तीय रिपोर्टिंग, निगरानी व्यवस्था तथा योजना के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से अवगत कराया गया।