चंडीगढ़/यूटर्न/30 जून। मंगलवार को 23 राजनीतिक पार्टियों और एक निर्दलीय सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को एसआईआर प्रक्रिया, चुनाव आयोग की भूमिका और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर एक संयुक्त पत्र भेजा। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में इंडिया गठबंधन की सभी प्रमुख पार्टियां शामिल हैं, साथ ही आप और डीएमके भी, जिन्होंने गठबंधन से दूरी बना ली है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी और कहा कि विपक्षी पार्टियां शयोर- एकजुटता, एकता और प्रतिरोध के लिए मजबूती से खड़ी हैं। रमेश ने एक्स पर कहा, 8 जून, 2026 को इंडिया गठबंधन की बैठक में 21 राजनीतिक पार्टियों और एक निर्दलीय सांसद ने हिस्सा लिया था। बैठक में भारत के चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश को एक संयुक्त पत्र भेजने का फ़ैसला किया गया था।"
सांसद के हस्ताक्षर वाला पत्र न्यायाधीश को भेजा
उन्होंने कहा, इसी के तहत, आज 23 राजनीतिक पार्टियों और एक निर्दलीय सांसद के हस्ताक्षर वाला संयुक्त पत्र भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश को भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, इस संयुक्त पत्र पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, एसपी प्रमुख अखिलेश यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, वामपंथी पार्टियों के नेताओं और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल समेत अन्य लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।
टीएमसी नेता ने किया खुलासा
टीएमसी नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि आम आदमी पार्टी और डीएमके ने भी इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने एक्स पर कहा, इंडिया गठबंधन की अच्छी पहल। और हां, @AamAadmiParty और @arivalayam (डीएमके) ने भी सीजेआई को भेजे गए संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। ओ'ब्रायन ने बाद में मीडिया से कहा, यह पत्र INDIA गठबंधन की सभी पार्टियों के सामूहिक प्रयास का नतीजा है।
सब विफल होने पर न्यायपालिका से इंसाफ की उम्मीद
घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, यह पत्र इस विचार पर केंद्रित है कि जब बाकी सब कुछ विफल हो जाता है, तो भारतीय लोकतंत्र न्यायपालिका की ओर देखता है। विपक्ष के नेता ने कहा, यह न्यायपालिका की अंतरात्मा को झकझोरता है... न्यायपालिका को यह देखना होगा कि आज देश में क्या हो रहा है। जब बाकी सब कुछ विफल हो जाता है, तो हम किसके पास जाएं? सूत्रों के मुताबिक, इस चिट्ठी में भारत के चुनाव आयोग की भूमिका का भी ज़िक्र किया गया है और उदाहरण दिए गए हैं कि कैसे एसआईआर प्रोसेस ने अलग-अलग राज्यों में लोगों पर असर डाला है। कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (एसआईआर) प्रोसेस को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाती रही हैं।
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