चेरमैन हरपाल चीमा के आदेशों के बावजूद एडिड स्कूलों के अध्यापकों की तनख्वाह जारी न होने पर रोष, यूनियन ने संघर्ष का ऐलान किया
मोहाली (दलजीत अजनोहा) : पंजाब के एडिड स्कूलों के हजारों अध्यापक और अन्य कर्मचारियों की तनख्वाहें लंबे समय से जारी न होने के कारण रोष बढ़ता जा रहा है। एडिड स्कूल कर्मचारी यूनियन ने आरोप लगाया है कि कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन हरपाल सिंह चीमा द्वारा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पिछली दिन हुई बैठक में तनख्वाहें तुरंत जारी करने के आदेश दिए जाने के बावजूद अभी तक किसी भी जिले के अध्यापकों की तनख्वाह जारी नहीं की गई है।
यूनियन के प्रदेश प्रधान गुरमीत सिंह मदनीपुर और जनरल सेक्रेटरी शरणजीत सिंह कादिमाजरा ने कहा कि आज यूनियन के नेताओं द्वारा मोहाली में शिक्षा अधिकारियों से बैठक की गई। मुख्य कार्यालय की ओर से किसी भी जिले की तनख्वाह ग्रांट जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि एडिड स्कूलों के अध्यापक और अन्य कर्मचारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक के दौरान तनख्वाहें जल्द जारी करने का भरोसा दिया गया था, पर शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि 4 जून को शिक्षा विभाग को लिखित में मीटिंग के मिनट्स दिए गए थे पर मिलने से इनकार के बहाने बैठक नहीं की गई। एडिड स्कूलों से सेवा मुक्त किए गए अध्यापकों के ढाई-ढाई साल से पीपीओ ऑर्डर पेंडिंग हैं। सिफारिशियों पर मिलने वालों के केस लाइन तोड़-फोड़ के आधार पर प्राथमिकता पर किए गए हैं। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तनख्वाहें तुरंत जारी नहीं की गईं तो यूनियन जल्द ही प्रांतीय स्तर की बैठक करके डीपीआई कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण कर्मचारियों में भारी निराशा और रोष है। यूनियन ने पंजाब सरकार से मांग की है कि एडिड स्कूलों के अध्यापकों और कर्मचारियों की बकाया तनख्वाहें तुरंत जारी कर उन्हें आ रही आर्थिक मुश्किलों से राहत दी जाए।
इस मौके पर महेश गौतम, गुरदीप सिंह, बलवंत कौर तथा अन्य भी मौजूद थे।