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आईडीएफसी बैंक फंड डायवर्जन मामले में पूर्व क्रैस्ट प्रमुख नवनीत श्रीवास्तव को सीबीआई ने दबोचा
नई दिल्ली/चंडीगढ़ (Narendra Singh Dnau) : Central Bureau of Investigation (सीबीआई) ने चंडीगढ़ की ‘क्रैस्ट’ संस्था में हुए करीब 75 करोड़ रुपये के गबन मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए आईएफओएस अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। वे उस समय Chandigarh Renewable Energy and Science and Technology Promotion Society (क्रैस्ट) के सीईओ पद पर तैनात थे। सीबीआई के मुताबिक, आरोपी अधिकारी को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जांच में उनकी भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि उनके कार्यकाल के दौरान आईडीएफसी बैंक में क्रैस्ट के तीन खातों में जमा सरकारी धन को अवैध रूप से निकालकर फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। बाद में इस राशि का निजी उपयोग किया गया, जिससे संस्था को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि घोटाले की रकम का एक हिस्सा एक निजी कंपनी के खाते में भेजा गया, जिसमें आरोपी अधिकारी की पत्नी और एक करीबी रिश्तेदार निदेशक हैं। इस मामले में पहले ही क्रैस्ट के तत्कालीन प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह अब्रोल और अकाउंटेंट साहिल कुक्कर को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है और वे न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने यह मामला पहले चंडीगढ़ पुलिस से अपने हाथ में लिया था। हाल ही में एजेंसी ने इस घोटाले में 13 आरोपियों के खिलाफ पहला आरोप पत्र भी दाखिल किया है, जिसमें बैंक अधिकारियों, शेल कंपनियों और अन्य संबंधित लोगों को शामिल किया गया है।