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सिख इतिहास को सम्मान, मुख्यमंत्री ने आठवीं कक्षा में जोड़ा बाबा बंदा सिंह बहादुर का पाठ
पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : गुलाब सिंह वड़ैच गांव मूनक ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया कि उन्होंने सिख समाज से किया गया वादा पूरा करते हुए कक्षा 8वीं के इतिहास पाठ्यक्रम में सिख गुरु साहिबानों तथा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के इतिहास को शामिल किया है। सिख गुरुओं की शिक्षाएं मानवता, समानता, सेवा, त्याग, भाईचारे और न्याय का संदेश देती हैं। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद साहब जी तक सभी गुरु साहिबानों ने मानवीय मूल्यों को ऊंचा उठाने और समाज को नई दिशा देने में अतुलनीय योगदान दिया है। उनकी कुर्बानियां और उपदेश केवल सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इसी प्रकार बाबा बंदा सिंह बहादुर जी ने अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करते हुए गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों को उनके अधिकार और सम्मान दिलाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनका जीवन संघर्ष, वीरता, देशभक्ति और जनकल्याण की भावना का प्रतीक है।स्कूली पाठ्यक्रम में इस इतिहास को शामिल करने से बच्चों को अपनी महान विरासत, इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा। नई पीढ़ी गुरु साहिबानों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझेगी और अच्छे नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ेगी। मैं एक बार फिर माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने सिख समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए इस महत्वपूर्ण निर्णय को अमली रूप दिया। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा और हमारी साझा सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाए। वाहेगुरु जी से प्रार्थना है कि वे हरियाणा को निरंतर प्रगति और समृद्धि प्रदान करें तथा समाज के कल्याण के लिए ऐसे जनहितैषी निर्णय निरंतर लिए जाते रहें।