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हिसार में बस सेवाएं बाधित, रोडवेज कर्मियों की हड़ताल का असर
हिसार: हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में पिछले 22 दिनों से चल रहे कर्मचारियों के धरने ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया, जब कर्मचारियों ने अपने ऐलान के अनुसार बसों की नाइट सर्विस बंद कर दी। इसके बाद कर्मचारी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम ज्योति मित्तल मौके पर पहुंचीं और सांझा संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने महाप्रबंधक (जीएम) को एक माह का समय देने और बसों का संचालन बहाल करने की अपील की, लेकिन कर्मचारियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें नई नहीं हैं, बल्कि पिछले साढ़े तीन वर्षों से लंबित हैं और वे लंबे समय से केवल आश्वासन ही सुन रहे हैं। धरने के 22वें दिन कर्मचारियों ने शुक्रवार शाम से बसों का संचालन बंद कर दिया, जिसके चलते कोई भी बस नाइट सर्विस पर नहीं गई। इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों पर पड़ा, जिन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सांझा संघर्ष समिति के नेता जोगेंद्र पंघाल, अजय दुहन और संदीप जैनावास ने यात्रियों को हो रही परेशानी के लिए महाप्रबंधक को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि कर्मचारियों की मांगों को बार-बार उठाने के बावजूद प्रशासन केवल आश्वासन देकर मामले को टालता रहा है, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता गया। आक्रोशित कर्मचारियों ने जीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया और कार्यालय का घेराव करते हुए चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। समाचार लिखे जाने तक बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहा और एसडीएम ज्योति मित्तल जीएम कार्यालय में बैठकर मध्यस्थता के प्रयास करती रहीं।