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पंजाब/यूटर्न/5 जून। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वृद्धि को रोकने के लिए व्यापक सुधारों की घोषणा के 24 घंटों से भी कम समय में पंजाब सरकार ने इस निर्णय को कानून का रूप देने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर तुरंत कानून का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निजी स्कूलों की फीस को नियमित किया जा सके और पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इससे 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को अनुचित आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। स्कूलों को अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी यह प्रस्तावित कानून वार्षिक फीस वृद्धि को 5 प्रतिशत तक सीमित करेगा और पिछले 3 वर्षों में निर्धारित 15 प्रतिशत सीमा से अधिक फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को विद्यार्थियों के अभिभावकों से ली गई अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी। पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में मुनाफाखोरी को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक निर्णायक पहल है कि निजी स्कूल व्यावसायिक लाभ की बजाय विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में कार्य करें। मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सुलभ और किफायती शिक्षा प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस समय पंजाब भर के लगभग 7,800 निजी स्कूलों में 32 लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ----