पंजाब/यूटर्न/4 जून। मोहाली की एनआईए कोर्ट ने आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) से जुड़े तीन कश्मीरी छात्रों को 10 साल की सजा सुनाई है। दोषियों में एक आतंकी जाकिर मूसा का चचेरा भाई भी शामिल है। वहीं, इस मामले में आरोपी रहे सुहैल अहमद भट को कोर्ट पहले ही बरी कर चुकी है। दोषी जाहिद गुलजार, यासिर रफीक भट और मोहम्मद इदरीस शाह कश्मीर के रहने वाले हैं। एक जून को कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया था। आज उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया, जहां सजा सुनाई गई। फिलहाल कोर्ट के आदेश की कॉपी सामने नहीं आई है। सभी दोषी इस समय जेल में बंद हैं। कोर्ट ने उन्हें देश के खिलाफ साजिश रचने, यूएपीए, आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव एक्ट से जुड़े मामलों में दोषी पाया। इन आतंकियों को सीटी इंस्टीट्यूट जालंधर से गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि उनका चंडीगढ़ आना-जाना लगा रहता था।
हॉस्टल में रहकर बना रहे थे आतंकी साजिश
साल 2018 में पुलिस को सूचना मिली थी कि जालंधर के सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ छात्र आतंकी गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। इसके बाद 10 अक्टूबर 2018 को पुलिस ने हॉस्टल के एक कमरे में छापा मारकर तीन कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार छात्रों की पहचान जाहिद गुलजार (अवंतीपोरा), यासिर रफीक भट (त्राल) और मोहम्मद इदरीस शाह (पुलवामा) के रूप में हुई थी। यासिर रफीक भट आतंकी जाकिर मूसा का चचेरा भाई है। आरोपियों से एके-47 राइफल, एक माउजर पिस्टल, बड़ी संख्या में कारतूस और करीब एक किलोग्राम विस्फोटक पाउडर बरामद हुआ था।
62 गवाह पेश, इनमें तीन आरोपियों के पिता
अभियोजन पक्ष ने आरोप साबित करने के लिए 62 गवाहों के बयान दर्ज कराए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने मामले से जुड़े मुख्य वार्डन कुलवंत सिंह का बयान भी कोर्ट विटनेस के रूप में दर्ज किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को उस समय झटका लगा, जब उसके तीन अहम गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से पीछे हट गए। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें होस्टाइल घोषित कर दिया। इनमें यासिर रफीक भट्ट के पिता मोहम्मद रफीक भट्ट, मोहम्मद इदरीस शाह के पिता अब्दुल कय्यूम शाह और जाहिद गुलजार राथर के पिता गुलजार अहमद राथर शामिल थे।
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