चंडीगढ़, 15 जनवरी:
हरियाणा सरकार आगामी बजट 2026-27 में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी और किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यह स्पष्ट संदेश मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में आयोजित कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर बजट-पूर्व परामर्श बैठक के दौरान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की सोच ही प्रदेश की नीति तय करती है और सरकार की हर योजना का केंद्र बिंदु अन्नदाता है। उन्होंने दोहराया कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और असली भारत गांवों में बसता है। हरियाणा की पहचान मेहनतकश किसानों, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और दूध-दही की संस्कृति से जुड़ी हुई है, इसलिए कृषि बजट में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कृषि विशेषज्ञों, एफपीओ, प्रगतिशील किसानों और संबद्ध क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार नीतियां कागजों में नहीं, बल्कि जमीनी जरूरतों के आधार पर तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले बजट में किसानों और विशेषज्ञों के 161 सुझावों में से 99 को शामिल कर कृषि क्षेत्र में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
उन्होंने कृषि में नई तकनीक, अनुसंधान और नवाचार को भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि बदलते समय के साथ किसानों को कम लागत में अधिक लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों से प्राप्त हर सुझाव पर गंभीरता से विचार कर उन्हें बजट 2026-27 का हिस्सा बनाया जाएगा।