नगर निगम ने बढ़ाई सख्ती, सफाई कर्मियों को ड्यूटी पर लौटने के आदेश
हिसार: नगर निगम में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा शुरू कर दी गई है और सफाई से जुड़े कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, शहर में स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और सफाई कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
Hisar में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नेशनल टीम के पहुंचते ही नगर निगम की तैयारियों की असल परीक्षा शुरू हो गई है। टीम करीब दो सप्ताह तक शहर में रहकर सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन करेगी।
नगर निगम शहर को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। हालांकि हाल ही में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फैली गंदगी ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम का लक्ष्य शहर को स्वच्छता में अव्वल स्थान दिलाकर अधिक अंक हासिल करना है, जिसके लिए विशेष स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
बताया गया है कि नेशनल टीम ने सर्वेक्षण की शुरुआत करते हुए शुक्रवार को वार्ड 19 और 20 सहित कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया और सफाई व्यवस्था समेत अन्य सुविधाओं का जायजा लिया।
अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि सर्वेक्षण के दौरान शहर की रैंकिंग पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
नगर निगम अधिकारियों द्वारा टीम को शहर में किए गए सफाई कार्यों और व्यवस्थाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके आधार पर ही सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग तय होगी।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय टीम बिना किसी पूर्व सूचना के रिहायशी इलाकों, सार्वजनिक शौचालयों, कमर्शियल बाजारों और कचरा डंपिंग पॉइंट का गुप्त निरीक्षण करेगी।
इसके अलावा टीम स्थानीय नागरिकों से भी फीडबैक लेगी, जिससे जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
सेनिटेशन से जुड़े सभी स्टाफ और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और अवकाश भी सीमित रखा जाए।
मुख्य सफाई एजेंसी ने शहर के प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में विशेष अभियान शुरू किया है। सेक्टर 1-4, सेक्टर 3-5, सेक्टर 14 पार्ट-2, सेक्टर 33 और प्रमुख कमर्शियल मार्केट में सफाई का जिम्मा बढ़ा दिया गया है। इन इलाकों में 250 से अधिक अतिरिक्त सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है।
एजेंसी द्वारा मैकेनाइज्ड और मैन्युअल रोड स्वीपिंग के साथ-साथ शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
इधर नगर निगम अधिकारी भी लगातार एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं और साफ किया गया है कि सर्वे के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निगमायुक्त नीरज की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत किए गए और चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों और एजेंसियों को शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एजेंसियों के प्रतिनिधि, स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के सदस्य, जेई, एएसआई, सीटीएल प्रदीप जाखड़ और तकनीकी विशेषज्ञ जसबीर कुंडू मौजूद रहे।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता दी जा रही है।