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ज़ीरकपुर में टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिल्डरों के साथ की विचार-विमर्श बैठक - Uturn Time
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जागरूकता और आपसी सहयोग के माध्यम से पर्यावरण संबंधी नियमों के पालन को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पी.पी.सी.बी.), क्षेत्रीय कार्यालय एस.ए.एस. नगर द्वारा ज़ीरकपुर में बिल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के साथ एक विचार-विमर्श बैठक आयोजित की गई। इस सत्र का आयोजन सुपरिंटेंडिंग एनवायरनमेंटल इंजीनियर (एस.ई.ई.) इंजीनियर गुरशरण दास गर्ग और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (ई.ई.) इंजीनियर कंवलदीप कौर की अगुवाई में किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संबंधी नियमों को सरल बनाना और बिल्डरों को निर्माण एवं हाउसिंग प्रोजेक्ट्स से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में मार्गदर्शन देना था। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि बोर्ड का उद्देश्य केवल कानून लागू करना ही नहीं, बल्कि बेहतर तालमेल और पारदर्शिता के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ शहरी विकास में सहायता करना भी है। बैठक के दौरान एस.ई.ई. ने परियोजनाओं के निर्माण और उनके संचालन (ऑपरेशनल) दोनों चरणों के दौरान पर्यावरण क्लीयरेंस (ई.सी.) की शर्तों का पालन करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सलाह दी कि निर्माण चरण के दौरान पर्यावरण नियमों को बड़े बोर्डों पर प्रदर्शित किया जाए ताकि वहां कार्यरत स्टाफ और मजदूरों को इन नियमों को लागू करने की लगातार याद बनी रहे। बिल्डरों को प्रेरित किया गया कि वे किसी तीसरे पक्ष (एजेंटों) पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय आवेदन फार्मों को स्वयं पढ़ें, समझें और सही तरीके से भरें, ताकि आपसी समन्वय बेहतर हो सके और नियमों के पालन की प्रक्रिया आसान बने। आगामी मानसून सीजन की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया। बिल्डरों को सलाह दी गई कि वे वर्षा जल संचयन गड्ढों (रेनवॉटर हार्वेस्टिंग पिट्स) की सफाई करवाएं और यह सुनिश्चित करें कि भूजल की गुणवत्ता को सुरक्षित रखने के लिए रिचार्ज प्रणालियों में केवल सतह का साफ पानी ही जाए। बोर्ड ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (एस.टी.पी.) को सही तरीके से संचालित करने, उपचारित पानी की ड्यूल प्लंबिंग और बागवानी में उपयोग सुनिश्चित करने तथा घरेलू गंदे पानी को बिना अनुमति बाहर छोड़ने से सख्ती से बचने के लिए भी कहा। अधिकारियों ने रिहायशी सोसाइटियों के भीतर और आसपास बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, पर्यावरण-अनुकूल सामग्री और टिकाऊ जीवन शैली अपनाकर ठोस कचरे (सॉलिड वेस्ट) के उत्पादन को कम करने की वकालत की। बैठक में शामिल बिल्डरों ने बोर्ड के इस पारदर्शी और मित्रतापूर्ण संवाद के तरीके की सराहना की। बिल्डर्स एसोसिएशन, ज़ीरकपुर के प्रधान श्री हरीश गुप्ता ने बिल्डर समुदाय की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया और ऐसी बैठकों को लगातार आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ज़ीरकपुर के टिकाऊ शहरी विस्तार के लिए क्षेत्र में अधिक एस.टी.पी. की बढ़ती आवश्यकता के बारे में भी बताया। इस अवसर पर बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण तभी वास्तव में प्रभावी होता है जब रेगुलेटर (प्रशासन) और हितधारक (स्टेकहोल्डर) आपसी विश्वास और साझा जिम्मेदारी के साथ मिलकर कार्य करते हैं। हमारा उद्देश्य जागरूकता, पारदर्शिता और व्यावहारिक मार्गदर्शन के माध्यम से पर्यावरण नियमों के पालन की संस्कृति विकसित करना है, ताकि पंजाब का शहरी विकास टिकाऊ, मजबूत और नागरिक-अनुकूल बना रहे। आपसी समन्वय की कमी को दूर करने और दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण के नए रास्ते खोलने के लिए ऐसी चर्चाएं अत्यंत आवश्यक हैं।” इस पहल की सराहना करते हुए हरीश गुप्ता ने कहा, “यह बिल्डरों के लिए वास्तव में एक बहुत ही शिक्षाप्रद सत्र था और मुझे उम्मीद है कि इससे क्षेत्र के पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। हम दूरदर्शी सोच रखने वाली माननीय चेयरपर्सन मैडम के भी अत्यंत आभारी हैं, जिन्होंने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बिल्डरों के बीच समन्वय की कमी को दूर करने के लिए यह पहल की।” पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सहभागी शासन (पार्टिसिपेटरी गवर्नेंस) और पर्यावरण के प्रति जागरूक विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए पूरे पंजाब में ऐसी मुहिमों को लगातार जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।