Uturn Time
Breaking
Ludhiana: लुधियाना बार एसोसिएशन ने 29 मई को ‘नो वर्क डे’ घोषित किया Chandigarh: यमुना नदी प्रदूषण पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, हरियाणा प्रदूषण बोर्ड ने उद्योगों को जारी किए निर्देश Gurugram: टेली ईसीजी ट्रेनिंग को लेकर नर्सिंग एसोसिएशन का विरोध Sirsa: नशे के कारण दो युवकों की मौत, पुलिस जांच में जुटी Sirsa: ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ाव पर सिक्योरिटी एजेंट पर कार्रवाई आईसक्रीम लेने जा रहे बुजुर्ग को वीआईपी मूवमेंट के नाम पर रोका, हुआ बवाल, डीसी ने जांच के दिए आदेश लुधियाना में अपने ही अपनों से ले रहे फिरौती, केंद्रीय एजेंसियों के नाम से डराकर की जा रही अवैध वसूली Gurugram: गुरुग्राम में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, 5 एलिवेटेड कॉरिडोर और 7 फ्लाईओवर से बदलेगी सूरत Hisar: डॉ. अर्चना गुप्ता के अध्यक्ष बनने पर जश्न का माहौल, डॉ. आशा खेदड़ ने किया स्वागत Gurugram: नगर निगम का फैसला, केवल स्वीकृत वाटर मीटर ही होंगे मान्य डॉ. अर्चना गुप्ता हरियाणा बीजेपी की नई अध्यक्ष नियुक्त इलेक्ट्रानिक मार्केट में दुकानदारों ने सड़क को बनाया मैखाना
Logo
Uturn Time
लुधियाना/यूटर्न/28 मई। केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा लगातार गेमिंग, हवाला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में एक्शन लिया जा रहा है। जिसके चलते लुधियाना में भी पिछले कुछ समय के दौरान केंद्रीय एजेंसियों ने कार्रवाई की है। एजेंसियों द्वारा तो तथ्यों के आधार पर अपने सत्र पर एक्शन लिया जा रहा है। लेकिन शहर के कुछ लोगों ने इसका गलत फायदा उठाना शुरु कर दिया गया है। जिसके चलते शहर के ही कुछ लोगों द्वारा अपने कारोबारी रिश्तेदारों को केंद्रीय एजेंसियों का डरावा देकर उनसे अवैध वसूली की जा रही है। लगातार ऐसे मामले सामने आने के बाद कारोबारी जगत में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। ताजा मामला बाजवा नगर एरिया का सामने आया है। जहां पर एक होजरी कारोबारी से उसी के रिश्तेदार ने एक केंद्रीय एजेंसी के नाम का डर बनाकर करीब 40 लाख रुपए ले लिए। लेकिन जब इस मामले का खुलासा हुआ तो विवाद बढ़ गया। जिसके बाद शहर के कुछ प्रमुख लोगों द्वारा बीच बचाव कर मामला शांत कराया। फिर फंसने के डर से ठग द्वारा अपने रिश्तेदार को उक्त रकम वापिस भी कर दी गई। पहले खुद निकाली कमियां चर्चा है कि पीड़ित का बाजवा नगर में होजरी का कारोबार है। कारोबार बड़ा होने के चलते उसमें कई तरह की कमियां भी होती है। कारोबारी द्वारा इसका किसी को न पता चलने का सोचकर अपना काम जारी रखा गया। लेकिन इस बीच उसके एक रिश्तेदार का कारोबार परिसर में आना जाना था। उक्त रिश्तेदार ने धीरे-धीरे कर कारोबारी से उसके व्यापार की कमियों की जानकारी हासिल करता रहा। फिर उसी का फायदा उठाया गया। रिश्तेदार अधिकारी के जरिए कराया फोन चर्चा है कि कारोबार की सारी जानकारी हासिल करने के बाद उक्त व्यक्ति ने आगे अपने एक रिश्तेदार से संपर्क किया। बताया जा रहा है कि वह रिश्तेदार एक केंद्रीय जांच एजेंसी में उच्च पद पर तैनात है। उक्त व्यक्ति ने रिश्तेदार अधिकारी के जरिए किसी और से कारोबारी को कॉल करवाई। कॉलर ने कारोबारी की फाइल खुलने, उसके द्वारा कारोबार में किए जा रहे हेरफेर में एक्शन लेने की बातें करके डराया। कारोबारी भी अंदरुनी चीजें एजेंसी को पता होने की सोचकर घबरा गया। 40 लाख में की सेटिंग चर्चा है कि कॉल के बाद कारोबारी काफी डर गया और अपने रिश्तेदार व्यक्ति से संपर्क किया। उसने उसे आगे अपने रिश्तेदार अधिकारी से मामले संबंधी बात करने को कहा। पहले से प्लानिंग होने के चलते व्यक्ति ने कारोबारी के सामने ही रिश्तेदार अधिकारी को कॉल कर फोन स्पीकर पर रखा। अधिकारी ने जमकर फिर कारोबारी को डराया। जिसके बाद 40 लाख रुपए देकर सेटिंग की गई। वेंडर ने किया खुलासा चर्चा है कि पीड़ित कारोबारी ने आगे अपने वेंडर्स को इसकी जानकारी दी और बताया कि उनकी जानकारी भी केंद्रीय एजेंसियों के पास है। वह भी उनसे समझौता कर लें। इस दौरान एक वेंडर ने इंकार कर दिया और कारोबारी से मामले की पूरी जानकारी हासिल की। वेंडर ने अपने सत्र पर जब जांच करवाई तो मामले का खुलासा हो गया। फिर पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देनी चाही, लेकिन शहर के प्रमुख लोगों ने किसी तरह बीच बचाव किया और पेमेंट वापिस करवाई। अपने ही अपनों से डरने लगे वहीं चर्चा है कि इस मामले के बाद अब अपने ही अपनों से डरने लग गए हैं। जिसके चलते अगर किसी के भी कारोबार में कुछ सही या गलत हो रहा है, तो वह उसे किसी को बताने की जगह अपने तक ही सीमित रखता है। क्योंकि कल को इसी कमियों का फायदा उठाकर कब, उसे कौन और कहां फंसा दें, इसका कुछ नहीं पता। जिसके चलते सभी अब अपने कारोबार का पर्दा रखने लग गए हैं। ---