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लुधियाना/यूटर्न/27 मई। लुधियाना समेत पूरे देश में सट्टेबाजी का कारोबार पूरे जोरो पर हैं। बैटिंग, गेमिंग और मैच फिक्सिंग के जरिए सट्टेबाजों द्वारा रोजाना ही करोड़ों रुपए कमाए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय के दौरान लुधियाना में इसका चलन काफी तेजी से बढ़ा है। सट्टेबाजों जिन्हें लोग बुकी भी कहते हैं, उनके द्वारा सारा पैसा डिजीटल मनी के रुप में कमाया जाता है। चर्चाएं हैं कि इस डिजीटल मनी को कैश और पक्के में कनवर्ट करने के लिए होटल इंडस्ट्री का सहारा लिया जा रहा है। चर्चा है कि सट्टेबाजों की और से शहर के अलग-अलग होटल मालिकों के साथ संपर्क करके उनके जरिए अपनी ब्लैकमनी को व्हाइट किया जा रहा है। जिसकी एवज में होटल मालिकों को बढ़िया परसेंटेज भी मिलती है। चर्चा है कि इसी के चलते आज कल होटल इंडस्ट्री बुकियों की ब्लैकमनी का गेटवे बन रही है। लुधियाना में यह कारोबार पिक पर चल रहा है। इसी के चलते शहर में धड़ल्ले से एक के बाद एक होटल खोल रहे हैं। डिजीटल मनी होती है कनवर्ट चर्चा है कि बुकियों द्वारा जितना भी ब्लैकमनी कमाई जाती है, वह डिजीटल रुप में कमाते हैं। जिसे बाद में कैश करके अपनी जेब तक लाना होता है। इस प्रोसेस के लिए बुकियों द्वारा सेफ रास्ता ढूंढा जाता है। जिसके चलते उनकी तरफ से अब होटल मालिकों के जरिए अपने कारोबार को आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि शहर के कई होटल मालिक ईमानदार भी है। लेकिन कुछ बेईमानों के कारण सभी बदनाम हो रहे हैं। ऐसे होती है ब्लैकमनी व्हाइट चर्चा है कि सट्टेबाजों द्वारा पहले होटल मालिकों से सेटिंग की जाती है। जिसके बाद सट्टेबाजों द्वारा होटल के सभी कमरों की 1-1 घंटे के हिसाब से ऑनलाइन बुकिंग करवाई जाती थी। ऐसे मामलों में होटल मालिक रूम रेंट भी 5-7 गुना ज्यादा बताता है। यह बुकिंग अलग अलग नामों से होती है। इसके लिए अलग अलग आईडी कार्ड भी तैयार किए जाते हैं। होटल मालिक इस बुकिंग को पक्के तौर पर अपने रजिस्टर में दर्ज करता है। सट्टेबाजों द्वारा अपना डिजीटल पैसा बुकिंग की एवज में होटल मालिकों को ट्रांसफर किया जाता है। होटल मालिक इस पैसे को इकनम टैक्स रिटर्न में भी शो करता है और बकायदा इसका बनता टैक्स भी सरकार को अदा करता है, ताकि मामला पूरी तरह लीगल रहे। बाद में होटल मालिक अपना हिस्सा रखकर बाकी पैसा सट्टेबाजों को वापिस कर देता है। धड़ल्ले से खुल रहे होटल चर्चा है कि इस कारोबार में 1-2 नहीं बल्कि सैकड़ों होटल लगे हुए हैं। इसी के चलते शहर में धड़ल्ले से होटल खुल रहे हैं। कई तो ऐसी जगह होटल खुल रहे हैं, जहां ग्राहक आना भी मुश्किल है। ब्लैक एंड व्हाइट कारोबार में शामिल होटलों में ग्राहक न आने के बावजूद वे प्रॉफिट में रहते है और चल भी रहे हैं। असलियत में होटल खाली रहते हैं, लेकिन कागजों में बुकिंग फूल होती है। इसी के चलते आज कल लोग द्वारा होटल लाइन में फोक्स कर रहे हैं। लग्जरी होटल पर फोक्स, होटल बुकिंग एप में भी बढ़ोतरी चर्चा है कि सट्टेबाजों द्वारा लग्जरी होटल और होटल चेन वाली कंपनी पर फोक्स किया जाता है। इसी के चलते आज कल 2 लाख रुपए प्रति दिन रेंट वाले होटल की बुकिंग भी फूल रहती है और प्रॉफिट में चलते भी हैं। जनता ने यह नोटिस भी किया है कि पिछले कुछ समय के दौरान होटल बुकिंग एप में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म पर रोजाना होटल बुकिंग एप की एड जरुर आती है। जिसका अहम कारण सट्टे का काला कारोबार है। वी-ट्रेड एप मालिक भी कई जगह करता था इन्वेस्टमेंट पुलिस द्वारा फिरोजगांधी मार्केट से हैबोवाल की बावा कॉलोनी के अनिल जैन, हैबोवाल के लक्ष्मी नगर के सनी कुमार और अहमदगढ़ के करमजीत कौर को गिरफ्तार किया था। जिनकी और से वी-ट्रेड एप के जरिए लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की गई थी। उनकी गिरफ्तारी के बाद पता चला था कि आरोपियों द्वारा वी ट्रेड के जरिए लोगों से ठगी किया पैसा अलग अलग जगह पर इन्वेस्ट किया जाता था। जिसके बाद उसे एक नंबर में अपना बनाने को कई तरह के चैनल का प्रयोग किया जाता था। हीरा सचदेवा भी यूएसडीटी का करता है इस्तेमाल बता दें कि ईडी द्वारा कुछ दिन पहले धागा कारोबारी हीरा सचदेवा पर रेड की गई थी। उन पर गेमिंग एप का पैसा इधर मैनेज करने के आरोप है। चर्चा है कि हीरा सचदेवा द्वारा भी गेमिंग का पैसा यूएसडीटी में ट्रांसफर कराया जाता था। जिसके बाद उसे आगे अलग अलग नेटवर्क के जरिए भारत लाया जाता था यह चैनल फास्ट और भारी अमाउंट के लिए काफी फायदेमंद है। इसी लिए हीरा सचदेवा ही नहीं बल्कि दुनिया के 90 प्रतिशत हेरफेर करने वाले लोग इसी का इस्तेमाल करते हैं। ---