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गुलमर्ग केबल कार में तकनीकी खराबी: हवा में फंसे 300 पर्यटक, 200 से अधिक का सुरक्षित रेस्क्यू - Uturn Time
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गुलमर्ग/यूटर्न/25 मई। जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विश्व प्रसिद्ध गोंडोला केबल कार सेवा अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच हवा में रुक गई। इस घटना में करीब 300 पर्यटक ऊंचाई पर अलग-अलग केबिनों में फंस गए। दोपहर करीब 2:30 बजे के बाद सभी केबिन अचानक बंद हो गए, जिससे 65 केबिन हवा में अटक गए। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। अचानक हुई इस घटना से पर्यटकों में घबराहट फैल गई और नीचे घाटी में भी हलचल बढ़ गई। अधिकारियों के अनुसार, कई केबिन लगभग 500 फीट की ऊंचाई पर लटके हुए थे, जिससे रेस्क्यू अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया। इस दौरान भारी बारिश ने बचाव कार्यों में और भी बाधा डाली। रिपोर्ट लिखे जाने तक 200 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है और बाकी यात्रियों को सुरक्षित निकालने का कार्य तेजी से चल रहा है। सेना और रेस्क्यू टीमों ने रस्सियों और विशेष उपकरणों की मदद से केबिनों तक पहुंचकर एक-एक कर यात्रियों को सुरक्षित निकाला। जांच टीमों ने शुरु किया बचाव कार्य घटना के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, बीएसएफ स्पेशल टीम्स, एचएडब्ल्यूएस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कश्मीर जोन पुलिस के अनुसार, एसडीआरएफ, गुलमर्ग पुलिस, एसओजी, स्नो लेपर्ड्स और जम्मू-कश्मीर आर्म्ड पुलिस (14 माउंटेन रेस्क्यू टीमों सहित) ने मिलकर बचाव कार्य शुरु किया। अधिकारियों ने बताया कि पहले पांच घंटों में ही बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित निकाला गया और लगभग 70 प्रतिशत केबिनों से यात्रियों को रेस्क्यू किया जा चुका है। सरकार की स्थिति पर नजर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी यात्री सुरक्षित हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी डीजीपी को मौके पर भेजने के निर्देश दिए और राहत कार्यों की निगरानी की बात कही। सेना ने भी चिनार कोर के सहयोग से त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की जानकारी दी है। प्रशासन ने बताया कि केबल कार सिस्टम की मरम्मत का काम भी जारी है। गौरतलब है कि गुलमर्ग गोंडोला में इससे पहले 2017 में भी बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें सात लोगों की मौत हुई थी। वहीं पिछले वर्ष तकनीकी खराबी के कारण सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी थी। ---