25 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर बंद, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
पंजाब: पंजाब और चंडीगढ़ में बुधवार को केमिस्ट व्यापारियों की और से हड़ताल की गई थी। जिसका असर पंजाब और चंडीगढ़ में देखने को भी मिला। इस वजह से दोनों स्थानों के करीब 25 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर बंद रहे। यह हड़ताल पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर की गई है। यह हड़ताल मंगलवार रात को शुरु होकर बुधवार रात 12 बजे तक जारी रही। हड़ताल की वजह से लोगों को दवाइयां लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ के पीजीआई में इलाज कराने आए कश्मीर के एक परिवार को भी दवाई नहीं मिल सकी और वह मेडिकल स्टोर के बाहर इंतजार करता रहा।
मेडिकल स्टोर्स के बाहर इंतजार करते रहे लोग
हड़ताल के चलते अमृतसर, लुधियाना में होलसेल और रिटेल मार्केट बंद रही। यहां पर मेडिकल स्टोरों के बाहर लोग इंतजार करते दिखे। हालांकि जालंधर में होलसेल शॉप खुले थे, जबकि रिटेनर की दुकानें बंद रही। उधर, पठानकोट में प्राइवेट मेडिकल स्टोर बंद रहे, लेकिन सिविल अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, सरकारी डिस्पेंसरी और भारतीय जन औषधि केंद्र खुला था। इसके अलावा मोहाली, फरीदकोट में भी मेडिकल स्टोर बंद रहे।
ऑनलाइन दवा कंपनियों कर रहा उल्लंघन
एसोसिएशन ने कहा कि ऑनलाइन दवा कंपनियां नियमों का उल्लंघन कर रही हैं और स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों के व्यापार को नुकसान पहुंचा रही हैं। पंजाब में करीब 24 हजार लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर हैं, जबकि चंडीगढ़ में एक हजार से अधिक हैं। जिन्हें बंद रखा गया है।
यह हैं मेडिकल स्टोर मालिकों की मांगें
मेडिकल स्टोर संचालकों की 4 प्रमुख मांगें हैं। जिसमें बिना नियमों के चल रही ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से मोहल्ले की छोटी दुकानों को नुकसान हो रहा है और लोगों की सेहत के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। इसे रोका जाए। इस पूरे विवाद से जुड़े सरकार के दो नियम GSR 220(E) और GSR 817(E) हैं। संगठन के मुताबिक इन नियमों की कमियों का फायदा उठाकर ही ऑनलाइन दवा कंपनियां ऐसा कर रही हैं। इसे वापस लिया जाए। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गलत या नकली पर्चियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए ई-फार्मेसी के लिए नए सख्त नियम बनाए जाएं। लोकल दुकानदार ऑनलाइन कंपनियों के 20% से 50% तक के डिस्काउंट का मुकाबला नहीं कर सकते।